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डॉ. महेश शर्मा के लिए इस बार जीत की डगर होगी मुश्किल, आंकड़े देते हैं सबूत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Mon, 08 Apr 2019 04:00 PM IST
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लोकसभा चुनाव 2019 दो दिन बाद से शुरू हो जाएंगे। 11 तारीख को देश में 91 सीटों पर मतदान डाला जाएगा। इसी चरण में एनसीआर के दो क्षेत्रों गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में भी वोटिंग होगी। इस बार गौतमबुद्ध नगर में मुकाबला दिलचस्प होने वाला है। पिछली बार ढाई लाख से भी ज्यादा वोटों से जीत हासिल करने वाले भाजपा के सांसद डॉ. महेश शर्मा के लिए इस बार जीत की राह मुश्किल हो सकती है। यह हम खुद नहीं कह रहे हैं बल्कि ऐसे इशारे आंकड़े कर रहे हैं।
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दरअसल इस बार के चुनाव में भाजपा को बड़ी टक्कर दे रहा है सपा-बसपा का गठबंधन। सपा-बसपा का गठबंधन होने से तस्वीर काफी बदल गई है। गठबंधन होने के बाद यह सीट बसपा के खाते में है और उन्होंने यहां से सतबीर नागर को मैदान में उतारा है। डॉ. महेश शर्मा के लिए सबसे बड़ा खतरा सतबीर नागर हैं। एक तो वह सपा-बसपा-आरएलडी के संयुक्त उम्मीदवार हैं और उन्हें आम आदमी पार्टी का भी समर्थन प्राप्त है। ये स्थिति सतबीर नागर के लिए बहुत लाभकारी है।
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वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने गौतमबुद्ध नगर से अरविंद सिंह को मैदान में उतारा है। हालांकि अरविंद सिंह पर बाहरी होने का ठप्पा लगा है और उन्हें टिकट मिलने पर स्थानीय कांग्रेसियों में भी नाराजगी देखी गई थी। यही कारण है कि स्थानीय नेता अरविंद के प्रचार-प्रसार से भी दूर हैं। ये बात भी डॉ. शर्मा के बजाय सतबीर को फायदा पहुंचा सकती है।
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अगर जातीय समीकरणों की बात करें तो 2014 में डॉ. शर्मा को सभी वर्गों का वोट मिला, मगर इस बार परिस्थितियां कुछ अलग हैं। गठबंधन के प्रत्याशी सतबीर नागर जहां गुर्जर वोटरों को लुभाने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं वहीं सपा भी जी जान से उन्हें वोट दिलाने में जुटी है। इस मामले में कांग्रेस के अरविंद सिंह भी पीछे नहीं हैं वह हर वर्ग के मतदाता को लुभाने की कोशिश में जुटे हैं। उनका ज्यादा फोकस खासतौर से राजपूत मतदाताओं पर है।
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फाइल फोटो
- फोटो : ANI
2014 में थी ये स्थिति
गौतमबुद्ध नगर में मतदाताओं की कुल संख्या 22 लाख है। 2014 के बाद यहां तीन लाख 11 हजार मतदाता और जुड़े हैं। बीते चुनाव में महेश शर्मा ने कुल वोटों का 50 प्रतिशत से ज्यादा पाया था। उन्हें करीब 6 लाख वोट मिले थे। महेश शर्मा ने सपा के नरेंद्र भाटी को दो लाख 80 हजार वोटों से हराया था। पिछले चुनाव में बसपा प्रत्याशी को एक लाख 98 हजार वोट मिले थे तो कांग्रेस प्रत्याशी को मात्र 12 हजार से कुछ ज्यादा वोट मिले थे। अब अगर आप सपा और बसपा के वोट जोड़ दें तो वो होंगे 5 लाख 18 हजार वोट जो महेश शर्मा को कड़ी टक्कर देने के लिए काफी हैं।
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