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PHOTOS: अब सिर्फ यही रही गई है पिता की निशानी

Sun, 07 Jun 2015 03:39 PM IST
Updated Sun, 07 Jun 2015 03:39 PM IST
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PHOTOS: अब सिर्फ यही रही गई है पिता की निशानी

Last rituals of jagbir in noida

मणिपुर में उग्रवादियों के हमले में शहीद हो गए जगबीर का उनके गांव में रविवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। सातवीं में पढ़ने वाले उनके बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी। (सभी फोटो: अमित/ अमर उजाला ब्यूरो)


PHOTOS: अब सिर्फ यही रही गई है पिता की निशानी

Last rituals of jagbir in noida

अपनी छोटी बहन और मां की देखभाल के लिए अब विवेक अकेला बचा है। विवेक को नहीं पता कि परिवार कैसे चलेगा क्योंकि अभी तो वह सातवीं में पढ़ता है और फिलहाल मां बेसुध पड़ी हैं।

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जगबीर के परिवार में अब उनकी पत्नी मंजू, बेटा विवेक और बेटी रेनू बची हैं। जगबीर का बेटा विवेक हिंडन एयरफोर्स स्टेशन स्थित केंद्रीय विद्यालय-2 में आठवीं और बेटी रेनू सातवीं क्लास में पढ़ती है।

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पड़ोसियों ने बताया कि जगबीर का जल्द ही ट्रांसफर होने वाला था। ऐसे में वह पत्नी और बच्चों को पास ही के अपने साढ़ू के मकान में शिफ्ट करने वाले थे। हालांकि इससे पहले ही वह शहीद हो गए।

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गौतमबुद्ध नगर जनपद के रबूपुरा क्षेत्र के मुरादगढ़ी गांव निवासी जगबीर भी देश के उन 18 जांबाज जवानों से में थे जो मणिपुर में उग्रवादियों के हमले में शहीद हो गए।

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