करवाचौथ को महज एक दिन बाकी है। तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। जगह-जगह पर करवाचौथ और दिवाली मेले लगे हैं। सुहागिन महिलाएं खरीदारी करती दिख रही हैं। सामुदायिक केंद्रों में कार्यक्रम हो रहे हैं। महिलाओं को लुभाने के लिए विशेष छूट दी जा रही है। कपड़े खरीदने पर मैचिंग चूड़ियां और बिंदी गिफ्ट में दी जा रही है। वहीं, डिजाइनर छलनी भी सुहागिनों को खूब लुभा रही हैं। इन्हें कपड़े और मोतियों से सजाया गया है। इन सबके बावजूद कुछ ऐसे कारण हैं जिनकी वजह से सुहागिनें व अन्य लोग डरे हुए हैं। पंडित प्रकाश जोशी ने बताया है कि वो कौन सी वजह है और उसका किन महिलाओं पर असर पड़ेगा साथ ही जानिए क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि....
करवा चौथ 2018 पर बन रहे हैं तीन शुभ योग फिर भी क्यों डर रहे हैं लोग, वजह के साथ मुहूर्त भी जानिए
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शुक्र अस्त से डरे हुए हैं लोग
पंडित प्रकाश जोशी ने बताया कि कुछ लोगों शुक्रअस्त से डरे हुए हैं। लेकिन शुक्र अस्त का प्रभाव सिर्फ उन पर है जिनका विवाह अभी तीन माह के अंदर हुआ है। ऐसी महिलाओं को करवा चौथ का व्रत करने से अच्छे फल की प्राप्ति नहीं होगी।
तीन शुभ योगों वाला चौथ
पंडित प्रकाश जोशी ने बताया कि शनिवार 27 अक्टूबर को करवाचौथ है। महिलाएं पति के सौभाग्य और लंबी उम्र के लिए चौथ माता की पूजा करती हैं। व्रत रखती हैं। इस साल करवाचौथ पर गुरु और चंद्र के दृष्टि संबंध की वजह से गज केसरी योग बन रहा है। गुरु ग्रह वृश्चिक राशि में है और चंद्र वृष राशि में रहेगा। ये एक शुभ योग है। इसके साथ ही 27 को सर्वार्थसिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग भी बन रहे हैं। इन तीन शुभ योगों में चौथ माता की पूजा करने से महिलाओं की सभी इच्छाएं पूरी हो सकती हैं।
सर्वार्थ सिद्धि एवं अमृत सिद्धि योग में पूजन शुभ
पति की दीर्घायु और दांपत्य सुख का पर्व करक चतुर्थी यानी करवाचौथ व्रत 27 अक्तूबर को है। शनिवार को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया शाम 6:38 बजे तक है। इसके बाद चतुर्थी कृतिका नक्षत्र सुबह 8:20 बजे तक है। पंडित प्रकाश जोशी ने बताया कि 27 अक्तूबर को अमृत सिद्धि योग 27 अक्तूबर की सुबह 8:20 बजे से 30 घंटे 06 मिनट तक है। इसी काल खंड में सर्वार्थ सिद्धि योग है। इस कारण शाम 6:38 बजे के बाद करवाचौथ का मुहूर्त प्रारंभ हो जाता है। सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग में शिव-शिवा, स्वामी कार्तिक और चंद्रमा का पूजन करना होता है।
इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंसेज (रजि.) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं चिंतक इंस्टीट्यूट ऑफ वैदिक साइंसेज के संस्थापक रमेश चिंतक ने बताया कि 27 अक्तूबर को चंद्रमा रात 8:35 बजे उदय होगा। पति के हाथ से व्रत का पारण करें। इसी दिन सुबह माता पार्वती से सौभाग्य की प्रार्थना और उन्हें सिंदूर अर्पित करना चाहिए। भगवान शिव, पुत्र कार्तिकेय और चंद्रमा से दीर्घ दांपत्य जीवन की कामना करें।