जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पुस्कालय में एमए इंग्लिश द्वितीय वर्ष के छात्र ऋषि जोशुआ थॉमस ने पंखे से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। इससे पहले छात्र ने अपने प्रोफेसर को ई-मेल भेजा था। इस ई-मेल से कुछ ऐसी बातें निकल कर सामने आई हैं जो उसकी मानसिक स्थिति को दिखाने के साथ ही हैरान भी करती है।
ऋषि जोशुआ ने प्रोफेसर को भेजे गए अपने ई-मेल में लिखा है, कुछ दिनों से मैं मौत की भौतिक स्थिति का आभास करना चाह रहा हूं। आप जब तक यह ई-मेल पढ़ेंगे, मैं जिंदा नहीं रहूंगा। मेरे घरवालों का ध्यान रखिएगा।'
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माही मांडवी छात्रावास
- फोटो : सोशल मीडिया
प्राथमिक जांच के मुताबिक, तनाव के कारण छात्र मनोचिकित्सक से उपचार करा रहा था। आशंका है कि तनाव के कारण ही उसने खुदकुशी की है। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे वसंत कुंज नॉर्थ थाना पुलिस को सूचना मिली कि जेएनयू की लाइब्रेरी के बेसमेंट में बने स्टडी रूम में एक छात्र ने पंखे पर फंदा डालकर खुदकुशी कर ली है। पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़कर शव कब्जे में लिया।
पुलिस ने बताया कि पुस्तकालय के बेसमेंट में बना एक कमरा बंद रहता था। शुक्रवार को किसी स्टाफ ने कमरा अंदर से बंद देख खिड़की से झांका तो पंखे पर छात्र का शव लटकते देखा। जेएनयू स्थित माही मांडवी हॉस्टल में रहने वाला ऋषि जोशुआ थॉमस मूल रूप से केरल का निवासी था।
पुलिस के मुताबिक, छात्र काफी समय से तनाव से पीड़ित था। उसका मनोचिकित्सक से इलाज चल रहा था। इस घटना से पहले छात्र ने अपने इंग्लिश प्रोफेसर को ई-मेल भेजा था। पुलिस के मुताबिक, ई-मेल में उसने अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहाराया है। उसने ई-मेल में किसी अनहोनी घटना का संकेत दिया था।