दरिदंगी की शिकार पीड़िताओं का दर्द बांटने के बजाय उनके जख्म कुरेदे जा रहे हैं। बुधवार देर रात हुई वारदात के बाद सेे उन्हें पुलिस, परिचित, नेता, मीडिया और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं के सामने बार-बार हैवानियत का दर्द बयां करना पड़ रहा है।
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jewar gangrape
- फोटो : अमर उजाला
पीड़िताओं को मीडिया वालों के तीखे सवालों का भी सामना करना पड़ रहा है। इससे परेशान होकर शनिवार को पीड़ित परिवार ने किसी से बात करने से इंकार कर दिया, लेकिन फिर भी उन्हें कई बार आपबीती सुनानी पड़ रही है।
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- फोटो : अमर उजाला
जेवर से बुलंदशहर अस्पताल में भर्ती महिला को देखने जाने के दौरान छह बदमाशों ने जेवर के परिवार की कार रोककर खेतों में ले जाकर लूटपाट की थी। इसके बाद बदमाशों ने चार महिलाओं की आबरू लूटी और विरोध करने पर परिवार के एक पुरुष की गोली मारकर हत्या कर भी दी थी।
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- फोटो : अमर उजाला
इधर, प्राथमिक मेडिकल रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं होने के बाद से सोशल साइट पर भी कुछ लोग घटना को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। आपत्तिजनक पोस्ट भी किए जा रहे हैं जिससे इससे पीड़ितों को बदनामी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, बीफ आदि के बयान को लेकर भी सोशल साइट पर तरह-तरह की चर्चाएं की जा रही हैं। इससे पीड़ित परिवार आहत है।
शनिवार को पीड़िता ईको कार चालक की पत्नी अदालत में बयान देने से पहले मीडिया के सामने आई और कहा कि जालिमों ने उन पर जुल्म किया है, ये पुलिस ने नहीं देखा जो वह रेप से इंकार कर रही है। हैवानियत की रात जो उन पर जो गुजरी है, वह उसे अदालत के सामने बयां करेगी।