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सालाना बजट सबसे ज्यादा, हेलमेट में रस्सी बांधकर बवाल को कंट्रोल करती रही दिल्ली पुलिस

Tue, 17 Dec 2019 01:11 AM IST
Vikas Kumar परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 17 Dec 2019 01:11 AM IST
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jamia violence delhi police personnel are seen controlling the violence by tying rope on helmets
दिल्ली पुलिस के जवान - फोटो : Amar Ujala

दिल्ली पुलिस के जवान हेलमेट में रस्सी बांधकर बवाल को कंट्रोल करते दिख रहे हैं। इस दौरान कोई दोपहिया वाहन चलाते समय प्रयोग होने वाले हेलमेट से काम चला रहा है तो कई के हेलमेट से जाली ही गायब है। बीती रात पुलिस मुख्यालय के बाहर कुछ जवान ऐसे भी थे, जिनके हेलमेट के लॉक खराब थे। वहीं जामिया विवि के बाहर कुछ जवान थे, जिनके हेलमेट की डोरी छोटी थी। उन्होंने उसे एक छोटी रस्सी के सहारे बांध रखा था।


 

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दिल्ली पुलिस के जवान - फोटो : अमर उजाला

सुरक्षा उपकरणों पर सालाना करोड़ों रुपये खर्च करने वाली दिल्ली पुलिस की यह तस्वीर जामिया हिंसा के दौरान दिखी। यहां तक कि दक्षिणी पूर्वी जिले के पुलिस उपायुक्त चिन्मय बिस्वाल भी क्रिकेट का हेलमेट पहने घूम रहे थे। दिल्ली पुलिस का यह हाल तब है, जब इसे दुनिया में सबसे बड़ी महानगर पुलिस का तमगा हासिल है। साथ ही, देश में सुरक्षा बल का सबसे ज्यादा बजट इसे को मिलता है। वर्ष 2019-20 के लिए केंद्र सरकार ने करीब साढ़े सात हजार करोड़ रुपये का बजट इसके लिए मंजूर किया था। बहरहाल, इस पर दिल्ली पुलिस की ओर से टिप्पणी नहीं मिली है। 

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दिल्ली पुलिस के जवान - फोटो : अमर उजाला

पुलिस जवानों के अजीबो-गरीब सुरक्षा उपकरणों पर अमर उजाला संवाददाता ने बीती रात जामिया विवि के बाहर और आईटीओ स्थित दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर खड़े जवानों से बातचीत की तो कई ने जवाब में मुस्कराते देते हुए चेहरा घुमा लिया। कुछ ने कहा कि जब भी दिल्ली में कोई हिंसा या पथराव की घटना होती है तो वे इसी तरह पहुंचते हैं। इन जवानों के हाथों में पॉलीकार्बोनेट लाठी की जगह लकड़ी, बाइक या क्रिकेट में इस्तेमाल हेलमेट, छाती पर एक जैकेट थी। 

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दिल्ली पुलिस के जवान - फोटो : अमर उजाला

सीपी बनने के बाद लिया था संज्ञान
दिल्ली पुलिस के सुरक्षा उपकरणों की हालत जानने के लिए रिकॉर्ड खंगाला गया तो एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2017 में जब अमूल्य पटनायक ने दिल्ली पुलिस के आयुक्त की जिम्मेदारी संभाली थी तो लाठी, चाकू और पत्थरबाजी से जवानों को बचाने के लिए अमेरिका की तर्ज पर सुरक्षा उपकरण दिलाने की योजना बनाई थी। उस वक्त काफी सामान खरीदा भी गया था। हालांकि दिल्ली पुलिस के जवानों की संख्या की तुलना में सामान कम था। 

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दिल्ली पुलिस जवान - फोटो : अमर उजाला
सालाना बजट
वर्ष    बजट (करोड़ों रुपये में)
2017    6521
2018    7206
2019    7496 

2017 में खरीदे गए उपकरण
उपकरण          संख्या
हेलमेट          5,717
बॉडी शील्ड          5,274
बॉडी प्रोटेक्टर     7,135
पॉलीकार्बोनेट लाठी 10,500

 
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