जामिया नगर गोलीकांड का नाबालिग आरोपी देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार जेएनयू के रिसर्च स्कॉलर शरजील इमाम के देश विरोधी बयानों से भड़का हुआ था। शाहीन बाग में लंबे समय से चल रहे धरने से भी वह क्रोधित था। इसी कारण जामिया नगर में हथियार लेकर आया था। यह खुलासा उसने अपराध शाखा के अधिकारियों के सामने पूछताछ में किया है।
जामिया फायरिंगः शरजील के बयानों से भड़का था नाबालिग, एक दिन पहले 10 हजार में खरीदा था तमंचा
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आरोपी ने बताया कि वह हवा में फायर कर अपना विरोध दर्ज कराना चाहता था, ताकि लोग डर जाएं, मगर उससे गोली सीधे चल गई। अपराध शाखा ने बृहस्पतिवार दोपहर बाद उसे दिल्ली गेट स्थित जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजे बोर्ड) में पेश किया। उसे 14 दिन की संरक्षात्मक अभिरक्षा (प्रोटेक्टिव कस्टडी) में बाल सुधार गृह भेजा गया है। पुलिस ने उसकी उम्र के सत्यापन के लिए जरूरी बोन ओसिफिकेशन टेस्ट के लिए मेडिकल पैनल गठित करने की मांग की है। उधर, गोलीकांड की जांच स्थानीय न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी (एनएफसी) थाना पुलिस से लेकर अपराध शाखा को सौंपी है। वहां एसीपी मनोज पंत व इंस्पेक्टर लोकेंद्र की टीम जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नाबालिग ने पूछताछ में बताया है कि वह कासगंज में 26 जनवरी, 2018 को तिरंगा यात्रा के दौरान चंदन की मौत से बहुत आहत था। इसके अलावा, कुछ दिन पहले शरजील इमाम ने असम को देश से अलग करने की बात कही थी। इधर, शाहीन बाग में डेढ़ माह से ज्यादा समय से चल रहे प्रदर्शन से काफी लोगों को परेशानी हो रही है। इन बातों से वह गुस्साया हुआ था। अपने एक दोस्त से उसने एक दिन पहले ही दस हजार रुपये में तमंचा लिया था। वह लंबे समय से अपनी पॉकेट मनी जमा कर रहा था। उसी से उसने तमंचा खरीदा था। वह सोशल मीडिया पर खासा सक्रिय था और इस पर आने वाली खबरों से प्रभावित था।
वह यूपी के जेवर से दिल्ली बस में आया था। वह तमंचा प्रदर्शनकारियों के बीच हवा में लहराकर उन्हें डराना चाहता था। गोली चलाना उसका उद्देश्य नहीं था। उसने पहली बार गोली चलाई थी। इस कारण उससे सामने गोली चल गई। नाबालिग ने बताया कि उसे न तो किसी ने बहकाया और न ही किसी ने उसे ऐसा करने को कहा था। नाबालिग खुद को देशभक्त बता रहा है। उसने इस बात से भी इनकार किया है कि वह किसी संगठन से जुड़ा हुआ है। हालांकि नाबालिग मानता है कि प्रदर्शनकारियों के बीच जाते समय उसके अंदर डर था। नाबालिग ने अपने परिवार व दोस्तों को दिल्ली आने के बारे में कुछ नहीं बताया था। उसके पिता का बेकरी का काम है। उसका छोटा भाई आठवीं कक्षा में पढ़ता है।
घायल शादाब को एम्स से मिली छुट्टी
जामिया नगर फायरिंग की घटना में घायल छात्र शादाब फारुक को शुक्रवार सुबह 6 बजे एम्स ट्रॉमा सेंटर से छुट्टी मिल गई। डॉक्टरों ने उसे 15 दिन तक बिस्तर पर आराम करने की सलाह दी है। शादाब के बाएं हाथ में गोली लगी थी।
डॉक्टरों का कहना है कि शादाब का काफी रक्त बह गया था। इससे शारीरिक कमजोरी है। इसी कारण उसे आराम करने की सलाह दी गई है। जामिया मिल्लिया इस्लामिया का छात्र शादाब बृहस्पतिवार को प्रदर्शन में था, जहां हथियार हाथ में हिलाते हुए एक किशोर नारे लगा रहा था। उसकी चलाई गोली शादाब के हाथ में लगी थी। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने आरोपी किशोर को दबोच लिया।