गौरव चंदेल हत्याकांड में शामिल मिर्ची गैंग का सरगना आशु जाट यूपी पुलिस व एसटीएफ के लिए पहेली बना हुआ है। नोएडा, गाजियाबाद व हापुड़ पुलिस की आपसी तालमेल की कमी से एक लाख का इनामी बदमाश आशु हाथ से निकल गया। तीनों जिलों की पुलिस ने गुडवर्क के चक्कर में इस केस से जुड़ी जानकारी एक दूसरे के साथ नहीं बांटी जिसका फायदा आशु को मिल गया। हालांकि, हापुड़ पुलिस के आधे अधूरे खुलासे के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है, लेकिन नोएडा पुलिस अब तक विफल रही है।
गौरव चंदेल हत्याकांड: आपसी तालमेल न होने के कारण पुलिस को चकमा देकर निकल गया आरोपी
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दरअसल, गौरव चंदेल की हत्या की रिपोर्ट नोएडा की कोतवाली फेज थ्री में दर्ज है, लेकिन नोएडा पुलिस इस केस से जुड़े न तो किसी बदमाश को गिरफ्तार कर सकी है। न ही कोई लूट का सामान बरामद कर पाई है। हापुड़ पुलिस ने आशु की पत्नी पूनम और घटना में शामिल बदमाश उमेश को गिरफ्तार किया तो गाजियाबाद पुलिस ने गौरव की लूटी सेल्टॉस कार मसूरी के आकाश नगर से बरामद कर ली। वहीं, एसटीएफ ने आशु का एक मोबाइल फोन बरामद किया, लेकिन नोएडा पुलिस इस केस में कुछ नहीं कर पाई। नोएडा पुलिस अब केवल पूनम व उमेश को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।
हापुड़ पुलिस से तो संपर्क ही नहीं हुआ
आशु के पीछे नोएडा, गाजियाबाद, हापुड़ पुलिस लगी हुई थी। 25 जनवरी को आशु के आसपास नोएडा व हापुड़ पुलिस अलग-अलग तरीके से नजदीक पहुंच गई थी, लेकिन सफलता नहीं मिली। 26 जनवरी की रात में हापुड़ पुलिस ने आशु की पत्नी पूनम और उमेश को गिरफ्तार कर खुलासा कर दिया। इस दौरान जब नोएडा पुलिस ने हापुड़ पुलिस से संपर्क किया तो संपर्क नहीं हो पाया। इस मामले में लगे सभी पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों का मोबाइल नंबर बंद था। बाद में उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप से कोतवाली फेज टू पुलिस को भी फर्द में शामिल किया गया।
आशु को पकड़ इज्जत बचाने की जुगत में नोएडा पुलिस
नोएडा पुलिस आशु की गिरफ्तारी के लिए जोर आजमाइश कर रही है। नोएडा पुलिस चाहती है कि किसी तरह आशु उसके हाथ लग जाए, ताकि उसकी इज्जत बच जाए। इसके लिए हाईटेक नोएडा पुलिस कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। नोएडा पुलिस की टीम हर उस संभावित ठिकानों पर नजर रख रही है जहां आशु हो सकता है।
गाजियाबाद पुलिस ने दस घंटे बाद सेल्टॉस बरामदगी की जानकारी थी
6 जनवरी की गौरव चंदेल की हत्या व कार लूट के बाद 14 जनवरी को मसूरी थाना क्षेत्र के आकाश नगर में सेल्टॉस कार बरामद हुई थी। 14 जनवरी की रात करीब 10:50 बजे एक पुलिसकर्मी की सूचना के बाद गाजियाबाद पुलिस वहां पहुंची थी, लेकिन गाजियाबाद पुलिस अगले दिन सुबह नोएडा पुलिस को सेल्टॉस की बरामदगी की जानकारी दी। उस रात को गाजियाबाद पुलिस खुद ही इस केस को वर्क आउट कर वाहवाही बटोरना चाहती थी। हालांकि गाजियाबाद पुलिस भी कुछ नहीं कर पाई। अगर रात में ही गाजियाबाद पुलिस ने नोएडा पुलिस को जानकारी दी होती तो हो सकता है कि उस दिन ही कुछ सुराग मिल सकता था।