नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में जामिया के छात्रों के प्रदर्शन की वजह से सोमवार को दोपहर 2 बजे के बाद मरीजों को अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस फंस गईं। जैसे-जैसे प्रदर्शन बढ़ता चला गया वैसे-वैसे जाम में एंबुलेंस की संख्या में इजाफा होता जा रहा था। एक एंबुलेंस में तो दिल का दौरा पड़ने से मरीज की हालत गंभीर बनी हुई थी, जिसे पुलिस की मदद से किसी तरह जाम से बाहर निकाला गया। 6 घंटे चले प्रदर्शन में करीब 15 एंबुलेंस जाम में फंस गईं थीं।
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पुलिस ने एंबुलेंस को जाम से निकाला
- फोटो : अमर उजाला
जामिया को-ऑर्डिनेशन कमेटी ने सोमवार को संसद मार्च तक पैदल मार्च निकालने का आह्वान किया था। इस आह्वान के बाद सैकड़ों छात्र व बाहरी लोग प्रदर्शन में शामिल होने पहुंच गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई रास्तों को बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया।
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जामिया प्रदर्शनकारी
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इसी दौरान जसोला इलाके में बुजुर्ग अजय सिंह को उनके परिजन तबियत खराब होने पर जामिया के रास्ते अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन एंबुलेंस होली फैमिली अस्पताल के पास प्रदर्शन की वजह से जाम में फंस गई। काफी देर तक जाम में फंसने के बाद एंबुलेंस चालक ने सुखदेव नगर की ओर से निकलने का प्रयास किया। उस रास्ते पर भी एंबुलेंस रास्ते में फंस गई।
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जामिया प्रदर्शनकारी
- फोटो : अमर उजाला
यह देखकर प्रदर्शन स्थल पर तैनात पुलिस कर्मियों ने एंबुलेंस को किसी तरह मोदी मिल के रास्ते आगे निकालने में मदद की। इसके बाद दोबारा एक और एंबुलेंस भीड़ में फंस गई, जिसके बाद एंबुलेंस घंटों वहां फंसी रही। देखते ही देखते 6 घंटे चले प्रदर्शन में करीब 17 एंबुलेंस जाम में फंसीं, जिन्हें किसी तरह बाहर निकाला गया।
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जामिया प्रदर्शनकारी
- फोटो : अमर उजाला
कई किमी तक पैदल ही सफर तय करना पड़ा
शाम 5 बजे के बाद ऑफिस से घर जाने के लिए लोग जामिया के रास्ते पर हो रहे प्रदर्शन में फंस गए। पुलिस ने जामिया की ओर जाने वाले हर रास्ते को बंद कर दिया था। इसके बाद तो ऑटो व बस के यात्रियों को कई किलोमीटर का पैदल ही सफर तय करना पड़ा। लोग रास्ते तलाशने में जामिया की हर उस गली में घुस गए, जहां से पैदल निकलना भी मुश्किल था।