जहांगीरपुरी में हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर निकाली गई शोभा यात्रा के दौरान हुई हिंसा में नया खुलासा सामने आया है। दिल्ली पुलिस की जांच में अब ये बात स्पष्ट हो चुकी है कि सोची-समझी साजिश के तहत जहांगीरपुरी हिंसा को अंजाम दिया गया था। तबरेज आलम व इसराबुल इस हिंसा के सूत्रधार हैं। इन लोगों ने उत्तरी दिल्ली में बैठकर साजिश रची थी। हिंसा पहली शोभा यात्रा के दौरान ही होनी थी। ये दोनों अभी तक हिंसा के मुख्य आरोपी बताए जा रहे अंसार से रंगदारी लेते थे। इससे ये सीएए व एनआरसी के विरोध में खड़े लोगों को फंडिंग करते थे।
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जहांगीरपुरी बवाल
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा जहांगीरपुरी हिंसा की जांच कर रही है। अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब ये पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है कि साजिश के तहत इस हिंसा को अंजाम दिया गया था। पुलिस को तबरेज आलम के मोबाइल से ऐसी वीडियो मिली हैं जिससे ये साफ हो गया है कि हिंसा के लिए साजिश रची गई थी। वीडियो में एक समुदाय के लोगों को भड़का रहा है।
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जहांगीरपुरी बवाल
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जहांगीरपुरी हिंसा का मुख्य आरोपी अंसार नहीं बल्कि तबरेज आलम व इसराबुल हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार तबरेज व इसराबुल सीएए व एनआरसी के समय से ही स्थानीय लोगों को भड़का रहे थे। ये लोगों को भड़का कर अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरी कर रहे थे। तबरेज आलम दिल्ली नगर निगम के चुनाव लड़ना चाहता था। वह जहांगीरपुरी के भोले-भाले लोगों को भड़का अपने पक्ष में कर रहा था।
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जहांगीरपुरी बवाल
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ये लोग अंसार से रंगदारी वसूलते थे। रंगदारी नहीं देने पर ये उसको उसके काले कारोबार को बंद कराने की धमकी देते थे। अंसार इनको जो पैसे देता था उससे ये सीएए व एनआरसी के विरोध में खड़े लोगों के लिए फंडिंग करते थे। उसी पैसे से ये लोगों को शाहीनबाग प्रदर्शन में ले जाते थे।
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jahangirpuri violence
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जांच में ये स्पष्ट हो चुका है कि इन दोनों आरोपियों ने अंसार के साथ शोभा यात्रा के दौरान हिंसा की साजिश रची थी। शोभा यात्रा के दौरान हिंसा की साजिश के लिए उत्तरी दिल्ली में सदर बाजार के पास एक दिन पहले बैठक हुई थी। हिंसा वाले दिन भी बैठक हुई थी और इसके बाद दोपहर में भी बैठक हुई थी। हिंसा वाले दिन शाम के समय भी बैठक हुई थी। यहां पर इसराबुल के पिता का देहांत हो गया था। इस मौके पर लोग जुटे थे, ताकि पुलिस को उन पर संदेह न हो।