दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आए अंसार व अन्य आरोपियों को डर था कि अगर माहौल ज्यादा खराब हो गया या फिर एक समुदाय की ज्यादा चलने लग गई तो उन्हें यहां से पलायन करना पड़ेगा। उन्हें दिल्ली से छोड़कर बांग्लादेश जाना पड़ेगा। ये खुलासा अंसार ने दिल्ली पुलिस की पूछताछ में किया है। दूसरी तरफ जांच में ये बात सामने आई है कि शोभा यात्रा जब तीसरी बार निकल रही थी उसी समय अंसार ने शोभा यात्रा में शामिल लोगों से बहस की थी। इसके बाद तुरंत बाद शोभा यात्रा पर पथराव शुरू हो गया था। सवाल ये खड़ा होता है कि एकदम पथराव कैसे शुरू हो गया था। जहांगीरपुरी हिंसा के समय मौके पर दोनों पक्षों से करीब पांच हजार लोग थे।
जहांगीरपुरी बवाल: बांग्लादेश का रहने वाला है अंसार, बोला- सता रहा था पलायन का डर, महाराष्ट्र में जो हो रहा उसका भी था भय
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने अंसार व आलम को दो दिन की पुलिस रिमांड पर ले रखा है। अंसार ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वह शोभा यात्रा में पथराव करने वाले लोगों को जानता है। वह उन लोगों की पहचान करवा कर उन्हें गिरफ्तार करवा सकता है। अंसार शेख ने बताया कि जहांगीरपुरी हिंसा के समय पथराव करने वाले व शोभा यात्रा में शामिल लोगों की संख्या करीब पांच हजार के आसपास थी। वह पथराव करने वालों को जानता है।
अंसार ने बताया कि उसे आशंका थी कि जिस तरह महाराष्ट्र में हो रहा है उसी तरह अजान के समय मजिस्द से लाउडस्पीकर हटवा दिए जाएंगे। उसे ये भी डर था कि उसे यहां से पलायन करना पड़ेगा। उसे पलायन करने का डर सता रहा था।
अंसार मूलरूप से बांग्लादेश का रहने वाला है। हालांकि वह खुद को पश्चिमी बंगाल का निवासी बताता था। अपराध शाखा के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शोभा यात्रा दो बार वहां से निकल गई थी। तीसरी बार शोभा यात्रा निकल रही थी उस समय शोभा यात्रा पर पथराव हुआ।
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार जब शोभा यात्रा निकल रही थी उस समय अंसार जामा मस्जिद में नहीं था। जांच में ये बात सामने आई है कि मस्जिद से किसी से फोन कर बुलाया था। इसके बाद पथराव व हिंसा शुरू हुई थी। शोभा यात्रा के दौरान धर्मस्थल के ऊपर कुछ लोग खड़े थे। अंसार अपने चार-पांच साथियों के साथ शोभा यात्रा में पहुंचा था। इसके बाद वह शोभा यात्रा में शामिल लोगों से बहस करने लग गया था।