गिरफ्तार आतंकी मोहम्मद मुस्तकीम खान उर्फ अबू यूसुफ के खतरनाक आतंकी संगठन आईएस(इस्लामिक स्टेट) आतंकी बनने का सिलसिला एक हादसे के साथ शुरू हुआ था। मोहम्मद मुस्तकीम खान पीओपी का काम करता था। वर्ष 2014-2015 में ये उत्तराखंड में पीओपी करते हुए कई मंजिला छत से नीचे गिर गया था। यहीं से इसका आतंकी बनने का सिलसिला शुरू हो गया।
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आतंकी के पास से बरामद बाइक
- फोटो : अमर उजाला
मोहम्मद मुस्तकीम के करीब दो साथी दिल्ली व यूपी में छिपे हुए हैं। उनके दिल्ली में ही छिपे होने की ज्यादा संभावना है। दिल्ली पुलिस की कई टीमें दिल्ली, एनसीआर व यूपी में दबिश दे रही हैं। आईएस का आतंकी बनने के लिए ये आईएस के लिए लड़ाके तैयार करने लगा। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2014-2015 में जब ये कई मंजिला छत से नीचे गिर गया था तो इसके सिर पर, पीठ में चोटें लगी थी।
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आतंकी के पास से बरामद सामान
- फोटो : अमर उजाला
गिरने के कारण मुस्तकीम बेड रेस्ट पर आ गया। इसके बाद ये मोबाइल पर सोशल मीडिया से जुड़ने लगा। धीरे-धीरे ये सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल करने लगा। कुछ ही समय में इसे सोशल मीडिया का इस्तेमाल आ गया। इसके बाद ये सोशल मीडिया पर एक धर्म विशेष की वीडियो देखने लगा। इसने सबसे ज्यादा सीरिया व अफगानिस्तान में अमेरिका के हमले की वीडियो देखी थी।
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आतंकी के पास से बरामद सामान
- फोटो : अमर उजाला
इसने जाकिर नाइक की स्पीच वाले वीडियो भी काफी देखे थे। इसके बाद ये जेहादी बनता चला गया और ये एसआई के खुरासन विंग से जुड़ गया। इसके बाद इसके मन में एक कौम के साथ हो रहे अन्याय का बदला लेने की ठानी। जल्द ही इसके संपर्क आईएस के खुरासान विंग के कमांडरों से हो गए थे। आईएस के इंडिया हैंडलर जिस तरह इसको निर्देश देते थे ये उनका उसी तरह पालन करने लग गया था।
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आतंकी के पास से बरामद सामान
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली पुलिस मोहम्मद मुस्तकीम के अकेले हमला करने की बात कह रही है। वहीं दिल्ली पुलिस के एक बड़े अधिकारी ने दावा किया है कि इसके साथ एक से दो आतंकी और थे। ये आतंकी दिल्ली व यूपी में छिपे हुए हैं। दिल्ली पुलिस उनको पकड़ने के लिए दिल्ली-एनसीआर समेत यूपी में छापेमारी कर रही है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की शुरूआती जांच में ये बात सामने आई है कि आतंकी मोहम्मद खान अन्य लोगों को जेहादी बनाने और उन्हें आईएस में भर्ती करने का काम भी कर रहा था। स्पेशल सेल इस बात की जांच कर रही है कि ये पिछले छह वर्ष में कितने लोगों के संपर्क में आया और इसने कितने लोगों को जेहादी बनाया था।