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सत्य निकेतन हादसा: ठेकेदार ने माना- इमारत मालिक के बेटे के कहने पर हटाया पिलर-सीढ़ियां, आधे घंटे बाद ढहा पीजी

Sat, 12 Sep 2026 03:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 12 Sep 2026 03:17 AM IST
सार

गिरफ्तार ठेकेदार सनोज ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि इमारत के मालिक के बेटे महेश के कहने पर उसने पिलर, बेसमेंट से ऊपर जाने वाली सीढ़ियां और पार्टिशन की दीवार हटाई थी।

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Satya Niketan incident: Contractor admits removing pillar at the behest of the building owner's son.
हादसे के बाद... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में डेज पीजी हॉस्टल हादसे की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। गिरफ्तार ठेकेदार सनोज ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि इमारत के मालिक के बेटे महेश के कहने पर उसने पिलर, बेसमेंट से ऊपर जाने वाली सीढ़ियां और पार्टिशन की दीवार हटाई थी। पिलर और सीढ़ियां हटाने के करीब आधे घंटे बाद ही इमारत जमींदोज हो गई। 

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पुलिस की शुरुआती जांच में भी पिलर हटाए जाने और इमारत ढहने के बीच संबंध सामने आया है।दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हादसे के समय इमारत के बेसमेंट को भरने का काम चल रहा था। बेसमेंट का एक हिस्सा लगभग भर दिया गया था। वहां बीच में पिलर के अलावा बेसमेंट से ऊपर आने वाली सीढ़ियां और पार्टिशन के लिए बनी दीवार मौजूद थी। 
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आरोप है कि भवन मालिक और उसके बेटे महेश के कहने पर इन हिस्सों को हटाया गया। पुलिस के मुताबिक, सनोज के पास निर्माण कार्य का न तो कोई अनुभव था और न ही लाइसेंस। वह कामचलाऊ मिस्त्री के तौर पर काम करता था। उसे और उसके दो मजदूरों को एक दिन के काम के करीब 2800 रुपये मिलते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बिना तकनीकी जानकारी और विशेषज्ञ की सलाह के महत्वपूर्ण संरचनात्मक हिस्सों को हटाने का फैसला क्यों लिया गया।
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पीजी संचालक शुभम त्यागी ने किया आत्मसमर्पण
सत्य निकेतन इमारत ढहने के मामले में पीजी संचालक शुभम त्यागी ने शुक्रवार को पटियाला हाउस कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। त्यागी मकान मालिक हरिराम गुप्ता से पट्टे पर लेकर पेइंग गेस्ट (पीजी) आवास चला रहा था। हादसे के बाद से वह भाग निकला था और उसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें जुटी थीं।

सत्य निकेतन में रविवार को मरम्मत और विस्तार का काम चल रहा था, तभी इमारत ढह गई थी। मामले में इमारत मालिक के बेटे महेश, श्रमिक ठेकेदार सनोज कुमार और अब शुभम त्यागी को आरोपी बनाया गया है। पुलिस के अनुसार, 81 वर्षीय हरिराम गुप्ता और उनकी 75 वर्षीय पत्नी उर्मिला भी न्यायिक हिरासत में हैं। उधर, दिल्ली नगर निगम ने दक्षिण क्षेत्र के उपायुक्त राकेश कुमार समेत चार इंजीनियरों को अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित रहने तक निलंबित किया है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इमारत में किए गए संरचनात्मक बदलाव और चल रहा मरम्मत कार्य ढहने की वजह बने या नहीं।


सुधांशु लवनीश के चैट की भी पड़ताल
जांच के दौरान पुलिस आरोपी सुधांशु लवनीश के मोबाइल फोन रिकॉर्ड और ऑनलाइन चैट की भी पड़ताल कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, इससे हादसे के तुरंत बाद की घटनाओं और आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाने में मदद मिलेगी। लवनीश का मोबाइल फोन फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

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