लाखों रुपये खर्च कर अपने बेटे को इंजीनियर बनाने का सपना देख रहे गुलशन को यह नहीं पता था कि उनके सपने स्कूल की बड़ी लापरवाही के चलते चकनाचूर हो जाएंगे। बेटे को खोने के बाद गुलशन और उनका परिवार सदमे में है तो शुरुआती जांच में जीडी गोयनका स्कूल की बड़ी लापरवाही सामने आई है।
बस ना आने के बाद अरमान के पिता ने नहीं छोड़ा होता स्कूल तो शायद बच जाती उसकी जान
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डीएम के आदेश पर मामले की जांच के लिए पहुंची एडीएम सिटी ने जब पूछताछ की तो पता चला कि घायल छात्र को स्कूल में फर्स्ट एड तक नहीं दिया गया। मेडिकल रूम में तैनात नर्स को घटना की जानकारी तक नहीं थी। मेडिकल रूम की जांच में वहां एक्सपायरी दवा मिली। डीएम के आदेश के बाद दोपहर करीब दो बजे एडीएम सिटी प्रीति जायसवाल एसएचओ इंदिरापुरम सुशील कुमार दुबे के साथ जांच के लिए शक्तिखंड-3 स्थित पहुंची। यहां उन्होंने स्कूल में घटना के दौरान मौजूद टीचर्स, सिक्योरिटी गार्ड, सफाई कर्मी सभी से पूछताछ की। स्कूल के मेडिकल रूम पहुंची तो रजिस्टर में अरमान की एंट्री नहीं मिली।
नर्स से पूछताछ की तो उसे घटना की जानकारी ही नहीं थी। उसने बताया कि घटना के समय वह एक टीचर को फर्स्ट एड देने गई थीं। एडीएम सिटी ने मेडिकल रूम की जांच की तो वहां कई दवाएं एक्सपायर मिलीं। यहां तक की आक्सीजन सिलेंडर का नोजल टूटा मिला और नर्स उसे ऑन तक नहीं कर सकी। मेडिकल रूम में रखे फ्रिज की जांच की गई तो उसमें दवाइयों की जगह टीचरों का खाना रखा हुआ मिला। इस पर एडीएम सिटी ने प्रबंधन और टीचरों को कड़ी फटकार लगाई। एडीएम सिटी ने बताया कि डीएम ने टीम गठित कर मामले की जांच के आदेश दिए हैं। प्राथमिक जांच में स्कूल प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है। जल्द ही जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी।
स्कूल प्रबंधन पर लगाया सबूत मिटाने का आरोप
अरमान के पिता गुलशन सहगल ने बेटे की मौत का जिम्मेदार स्कूल प्रबंधन को ठहराया है। उन्होंने स्कूल पर सच्चाई छुपाने, सीसीटीवी हटाने और सबूत मिटाने का आरोप लगाया है। उनका यह भी कहना है कि उनके बेटे के कपड़े गीले थे, ऐसे में उसके मुंह और नाक के खून साफ किए गए थे। साथ ही प्रधानाचार्य और स्कूल प्रबंधन से नहीं मिलने दिया गया। पुलिस को भी स्कूल की तरफ से सूचना नहीं दी गई। उन्होंने खुद पुलिस को इसकी सूचना दी।
स्कूल पहुंचे अभिभावकों को रोका, हंगामा
स्कूल में बच्चे की मौत की सूचना से हड़कंप मच गया। थोड़ी ही देर में स्कूल के गेट पर पैरेंट्स की भीड़ जमा हो गई। जानकारी लेने गए पैरेंट्स ने स्कूल के अंदर जाने का प्रयास किया, मगर सुरक्षाकर्मियों ने रोक दिया। अभिभावकों और सुरक्षाकर्मियों में नोकझोंक हुई। इसके बाद शांति गोपाल अस्पताल पर भी लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही और मामले को दबाने का प्रयास का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।