एक दशक बाद आज चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारत अपने चिरप्रतिद्वंदी पाकिस्तान से भिड़ने जा रहा है। इस मैच के प्रति दीवानगी का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि इसे दुनिया में अब तक सबसे ज्यादा लोगों के द्वारा एक साथ देखा जाएगा।
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अपने पिता के साथ विराट कोहली
- फोटो : सोशल मीडिया
भारत-पाकिस्तान के इस मैच में सबकी निगाह भारतीय कप्तान विराट कोहली पर है और इसे अजब इत्तेफाक ही कहेंगे कि आज ही फादर्स डे है। आज के दिन हम आपको बता रहे हैं विराट कोहली और उनके पिता के जीवन से जुड़ी एक ऐसी घटना जो आपको झकझोर देगी और ये साबित कर देगी कि क्यों मात्र 28 साल के विराट कोहली आज देश के सबसे प्रतिभावान खिलाड़ियों की सूची में शामिल हैं।
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विराट कोहली
- फोटो : सोशल मीडिया
ये बात है 18 दिसंबर 2006 की। दिल्ली के फिरोजशाह कोटला क्रिकेट मैदान पर दिल्ली और कर्नाटक के बीच रणजी मैच खेला जा रहा था। इसी मैच में दिल्ली की ओर से खेल रहे 18 साल के एक बच्चे ने कुछ ऐसा किया जिसने उसकी अपनी ही टीम नहीं बल्कि, विरोधियों को भी चौंका दिया। इसमें कोई दो राय नहीं कि इस घटना को फिरोजशाह कोटला क्रिकेट मैदान के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।
कर्नाटक ने पहले खेलते हुए अपनी पहली पारी में 446 रन का लक्ष्य रखा था। उस दिन दिल्ली में जबरदस्त सर्दी पड़ रही थी। लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली की टीम ने अपने शुरुआती पांच विकेट गंवा दिए थे।
अब मैच में बने रहने और फॉलोऑन से बचने की जिम्मेदारी इसी 18 साल के युवा विराट कोहली पर थी। विराट के साथ टीम के विकेट कीपर पुनीत बिष्ट बैटिंग कर रहे थे। दूसरे दिन का खेल खत्म होने पर विराट ने अपना विकेट बचाए रखा था और वो 40 रन पर नॉटआउट थे।