दो लीवर के खींचते ही निर्भया के गुनहगारों का अंत हो जाएगा। तिहाड़ जेल में गुनाहगारों को फांसी देने के लिए फांसी घर बनकर तैयार हो गया है। जेल के अधिकारिक सूत्रों कहना है कि पुराने फांसी घर में जहां दो दोषियों को फांसी देने की व्यवस्था थी उसी के बगल में दो अन्य दोषियों को फांसी देने के लिए प्लेटफॉर्म तैयार कर लिया गया है। एक साथ ही निर्भया के चार दोषियों को फांसी दी जाएगी लेकिन इसके लिए जल्लाद को दो लीवर खींचने पड़ेंगे।
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- फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
तिहाड़ जेल में अब तक चार दोषियों को एक साथ फांसी देने की व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में निर्भया के चार दोषियों को एक साथ फांसी देना जेल प्रशासन के लिए चुनौती भरा था। जेल प्रशासन ने 25 लाख रुपये की लागत से फांसी घर का निर्माण करवाया।
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जेल के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि पुराने फांसी घर में ही जहां दो दोषियों को फांसी पर लटकाने की व्यवस्था थी, ठीक उसके बगल में उसी तरह का एक और प्लेटफार्म तैयार किया गया। जिसपर दो दोषियों को फांसी पर लटकाने की व्यवस्था की गई है। लेकिन चारों दोषियों को एक साथ फांसी पर लटकाने के लिए जल्लाद को दो लीवर खींचना पड़ेगा।
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- फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
तिहाड़ जेल महानिदेशक संदीप गोयल ने बताया कि चारों दोषियों मुकेश, पवन, विनय और अक्षय को एक साथ फांसी पर लटकाने की व्यवस्था कर ली गई है।
जेल सूत्रों के अनुसार निर्भया के चारों दोषियों ने अपराध करने के तीन साल बाद जेल में पढ़ाई शुरू कर दी थी। वर्ष 2015 में दोषी विनय ने स्नातक डिग्री प्रोग्राम में दाखिला लिया था लेकिन वह उसे पूरा नहीं कर पाया। इसी तरह वर्ष 2016 में मुकेश, पवन और अक्षय ने ओपन स्कूल में दसवीं कक्षा में दाखिला लिया था। पढ़ाई करने के बाद तीनों दोषियों ने परीक्षा भी दी थी लेकिन उर्तीण नहीं हो पाए। उसके बाद सभी ने पढ़ाई छोड़ दी। जेल सूत्रों ने बताया कि विनय ने पेंटिंग में भी हाथ आजमाया था लेकिन उसमें भी वह कामयाब नहीं हो पाया।