पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा ( एलएसी ) पर हुए खूनी संघर्ष के बाद देशभर में चीन के खिलाफ जमकर आक्रोश फूटा। गुरुग्राम वासियों ने बुधवार को सुबह से ही जगह जगह चीन के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों ने चीना के सामान के अलावा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के पुतले को जलाकर अपना रोष जताया। विरोध जताते हुए लोगों ने केंद्र सरकार से चीन से व्यावसायिक व अन्य सभी रिश्तों को खत्म कर चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।
गुरुग्रामः चीनी समान और राष्ट्रपति का जलाया पुतला, प्रदर्शनकारी बोले- यूएन से भी रद्द हो चीन की आजीवन सदस्यता
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अशोक कटारिया चौक पर मार्केट एसोसिएशन ने चीनी सामान जलाकर प्रदर्शन किया। कटारिया मार्केट के लोगों ने कभी भी चीनी सामान नहीं बेचने का संकल्प लिया। एसोसिएशन के सदस्य महेश चंद गोयल ने बताया कि अब हमें चाहें लाखों का नुकसान हो लेकिन चीन का सामान न तो खरीदा जाएगा न ही बेचा जाएगा।
राजेंद्र पार्क में राजेश पटेल ने सरकार से रक्षात्मक नीति को त्याग कर शहादत का बदला लेने के लिए विशेष नीति बनाने की अपील की। लोगों ने रोष जाहिर करते हुए कहा कि चीनी सामान की खरीद से भारत ने चीन को लाभ पहुंचाया है। इस हिंसक घटना के बाद हर भारतवासी चीन से बदला लेने के लिए हर प्रकार की कुर्बानी देने को तैयार है। प्रदर्शनकारियों ने चीनी सामान नहीं खरीदने की अपील कर कहा कि अब वक्त आ गया है कि हम अपने घरों में रहते हुए चीन को सबक सिखाएं और अपने फौजी भाइयों का बदला लें।
शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि
वास्तविक नियंत्रण रेखा(एलएसी) पर चीन के साथ झड़प में कमांडिंग अधिकारी सहित 20 जवान शहीद हो गए। राजेंद्र पार्क में लोगों ने मोमबत्ती जलाकर उन्हें याद किया और अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। सभी ने शहीद जवानों को नमन कर सरकार से चीन को सबक सिखाने की मांग की। मौके पर राजन, विवेक, राहुल, संदीप, रवी, विशाल, गौरव, रंजीत, राजेश आदि ने रोष जाहिर करते हुए कहा कि चीन पहले ही कोरोना महामारी को विश्व भर में फैलाकर बड़ा अपराध कर चुका है। इसके बाद चीन का भारतीय सैनकों पर किए गए हमले का बदला लेना चाहिए।
यूएन से भी रद्द हो चीन की आजीवन सदस्यता, विश्व को करना होगा चीन का बहिष्कार
पूर्वी लद्दाख में चीन की कायराना हरकत पर देशवासी जवानों की शहादत का बदला चाहते हैं। लोगों का कहना है कि चीन की फितरत ही धोखा देना है। अब वक्त है कि इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाए। यूएन से चीन की आजीवन सदस्यता रद्द करने के लिए अब अमेरिका के साथ-साथ भारत को भी अपना पक्ष मजबूत करना चाहिए। चीन ने पहले पाकिस्तान की आड़ लेकर भारत में अशांति फैलानी चाही, लेकिन इसमें कामयाब नहीं हुआ तो नेपाल को आगे कर दिया। इससे भी बात नहीं बनी तो अब खुद प्रत्यक्ष रूप से सामने आ गया है।
चीन का बायकाट केवल आम जन को ही नहीं बल्कि सरकार को भी करना चाहिए। सरकार द्वारा आयात-निर्यात को पूर्ण रूप से प्रतिबंध करते हुए चीन की विभिन्न कंपनियों के साथ किए गए करार को तुरंत प्रभाव से समाप्त कर देना चाहिए। विश्व के सभी देशो को चीन का बायकाट करना चाहिए।