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देवताओं और राजाओं को प्रसन्न करने वाले अप्सरा डांस देखने का मन है तो यहां आइये

Tue, 10 Jan 2017 01:58 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, फरीदाबाद
टीम डिजिटल/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Tue, 10 Jan 2017 01:58 AM IST
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Gods and Kings Apsara dance to delight the mind of seeing us here
apsara dance (file photo) - फोटो : अमर उजाला
फरीदाबाद में एक फरवरी से शुरू होने वाले सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय मेले में दक्षिण पूर्व एशिया का देश कंबोडिया पहली बार शामिल होने जा रहा है। इसमें खास है अप्सरा नृत्य। खमेर शास्‍त्रीय शैली एवं अप्सरा नृत्य इस मेले में अलग ही छाप छोड़ेगा। 

रोबम प्रीच रिच टोप नृत्य शाही दरबार में प्रदर्शित किए जाने वाला नृत्य है

Gods and Kings Apsara dance to delight the mind of seeing us here
apsara dance (file photo) - फोटो : अमर उजाला
दरअसल, पुराने जमाने में देवताओं और राजाओं को प्रसन्न करने को खास नृतकियां अप्सरा नृत्य के लिए होती थीं। कंबोडिया का शास्त्रीय नृत्य खमेर तीन श्रेणियों में होता है। शाही अदालतों में मनोरंजन के लिए, सामाजिक कार्यक्रमों में और सांस्कृतिक परंपराओं के चित्रण के लिए किया जाता है। रोबम चुओन पोर एवं रोबम टेप अप्सरा शास्त्रीय नृत्य है जो दर्शकों को लुभाएगा। रोबम प्रीच रिच टोप नृत्य शाही दरबार में प्रदर्शित किए जाने वाला नृत्य है। 

मेले में पहली बार कंबोडिया सम्मिलित हो रहा है

Gods and Kings Apsara dance to delight the mind of seeing us here
apsara dance (file photo) - फोटो : अमर उजाला

वियतनाम एवं थाईलैंड के बाद दक्षिण पूर्व एशिया से मेले में पहली बार कंबोडिया सम्मिलित हो रहा है। सूरजकुंड मेला प्रशासन की ओर से भेजे गए आमंत्रण को कंबोडिया सरकार और पर्यटन विभाग ने मंजूरी दे दी है। कंबोडिया की पारंपरिक वेशभूषा, हैंडीक्राफ्ट, खान-पान लोगों को काफी पंसद आने की उम्मीद है। 

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अंगकोर में नृत्य का सपना हर लड़की का होता है

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apsara dance (file photo) - फोटो : अमर उजाला

जब कोई लड़की डांस सीखना शुरू करती है तो अंगकोर में नृत्य का सपना हर लड़की का होता है। दरअसल अप्सरा नृत्य 1970 के दशक में गायब हो गया था लेकिन सूरजकुंड के मेले और अन्य जगहों पर होने वाले अंतरराष्ट्रीय मेलों में अप्सरा नृत्य के आयोजन से इस शास्‍त्रीय शैली को वापस जिंदा किया जा रहा है। 

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कई जगह होटलों में इस खास नृत्य के लिए खास लॉबी बनाई जाती है

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apsara dance (file photo) - फोटो : अमर उजाला

कंबोडिया में जनता के समारोहों में भी इसका आयोजन किया जा रहा है। इस आकर्षक नृत्य को सीखाने के लिए बाकायदे कई डांस स्कूल और इंस्टीट्यूट चलाए जा रहे हैं। कई जगह होटलों में इस खास नृत्य के लिए खास लॉबी बनाई जाती है। जिसमें दर्शकों को आम सुविधा के साथ डांस देखने में आनंद आता है।

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