लोनी के टोली मोहल्ला में रविवार देर रात कपड़ा कारोबारी रहीसुद्दीन व उनके बेटों की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। दुस्साहसिक घटना को अंजाम देकर बदमाश आसानी से फरार हो गए। एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या प्रदेश में चर्चा का विषय बनी तो स्थानीय पुलिस के लिए सिरदर्द। परिजनों के बयान और घटनास्थल में पुलिस बुरी तरह उलझ गई। खाकी को पहले क्राइम सीन ने उलझाया तो फिर कारोबारी की पुत्रवधू अफसाना ने।
लोनी तिहरा हत्याकांड: घनी आबादी में ट्रिपल मर्डर, खाकी को पहले क्राइम सीन ने फिर अफसाना ने उलझाया
रिश्तेदार ने की हत्या, नहीं हुई लूटपाट: पुत्रवधू
सकुशल बचने पर शक गहराया तो पुलिस ने अफसाना से भी पूछताछ की। उसने जो बताया, उसे सुनकर पुलिस भी चौंक गई। उसने कहा कि घटना को एक ही व्यक्ति ने अंजाम दिया और वह उनकी ससुराल की तरफ से रिश्तेदार है। साथ ही उसने यह भी बताया कि घर में लूटपाट नहीं हुई है। पुलिस ने उनके बयान के आधार पर रिश्तेदार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि अफसाना के आरोपों को तस्दीक किया जा रहा है।
एंट्री व एग्जिट को लेकर संशय, दोहराया क्राइम सीन
तिहरे हत्याकांड के बाद पुलिस और परिजन बदमाशों की संख्या को लेकर अभी तक निश्चित नहीं हैं। बदमाशों के घर में घुसने और वारदात कर फरार होने को लेकर भी पुलिस संशय में है। कारोबारी के घर के ईद-गिर्द जितने भी घर हैं, उनकी छत से कारोबारी के घर की छत 15 से 20 फीट उंचाई पर है। इन दीवारों पर चढ़कर वारदात करना और फिर दीवार फांदकर फरार हो जाना पुलिस के गले नहीं उतर रहा है। पुलिस ने इसे तस्दीक करने के लिए कई बार क्राइम सीन भी दोहराया।
अलीमुद्दीन बोला-पिता की पुकार सुनकर मौके पर पहुंचा
अलीमुद्दीन का कहना है कि रात करीब ढाई से तीन बजे उसे पिता के घर में गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी। इसी बीच पिता ने उसका नाम लेते हुए आवाज लगाई। उसने खिड़की से देखा तो 5-6 लोग घर के बगल में स्थित डेयरी की छत पर खड़े थे। इसके बाद वह पिता के घर की तरफ दौड़ पड़ा, लेकिन मेनगेट बंद होने के कारण अंदर नहीं जा सका। अफसाना ने आकर गेट खोला, तो वह अंदर घुसा। ग्राउंड फ्लोर पर पिता व दो भाई लहूलुहान पड़े थे, जबकि फर्स्ट फ्लोर पर मां घायल अवस्था में थी। अस्पताल ले जाने पर पिता व भाईयों को मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस के मुताबिक घटनास्थल से की गई छेड़छाड़
अलीमुद्दीन के मुताबिक, बदमाश घर से कैश व सोना-चांदी लूटकर ले गए। बदमाशों ने हथियारों के बल पर उनके पिता व भाईयों से अलमारियों की चाबी लेकर लॉकर खोले और माल लूट लिया। वहीं, पुलिस का दावा है कि लूटपाट जैसे कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। पीड़ित के शुरुआत और बाद के बयानों में विरोधाभास मिला है।
एक माह पहले खरीदी संपत्ति भी जांच के दायरे में
रहीसुद्दीन के बड़े बेटे सलीमुद्दीन का कहना है कि उनके पिता ने घर के सामने ही एक महीने पहले एक संपत्ति का सौदा 70 लाख रुपये में किया था। 10 लाख रुपये एडवांस देकर बैनामे के लिए टाइम निर्धारित कर दिया था। असीमुद्दीन के मुताबिक संपत्ति खरीदने को लेकर कुछ लोग उनसे अंदरूनी रंजिश मानने लगे थे। हो सकता है कि घर में मोटा कैश होने के शक में किसी ने वारदात कर दी हो।