मौत के बाद अंतिम संस्कार और सारे क्रिया कर्म और तेरहवीं की रस्म भी। चौंकाने वाली बात यह है कि ये सब कुछ किसी इंसान के लिए नहीं, बल्कि पालतू कुत्ते की आत्मा शांति के लिए किया गया।
कुत्ते की तेरहवीं: लोगों को कराया भोज, आत्मा की शांति के लिए हुआ हवन, याद में लगाए पौधे
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Thu, 08 Jul 2021 10:09 PM IST
सार
विक्रांत पंडित ने बताया कि सात साल तक साथ रहा उनका ग्रेट डेन प्रजाति के कुत्ते ‘हीरो’ को उनसे बेहद लगाव था। जब उसे घर लेकर आए तो सिर्फ दो-ढाई माह का था। वह हमेशा घर के सदस्य की तरह साथ रहा।
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