नंदग्राम में 16 सितंबर की रात घरेलू सहायिका आशा देवी की हत्या उसके प्रेमी नदीम ने की थी। उसे शक हो गया था कि वह किसी और को भी चाहने लगी है। इसलिए, साजिश के तहत उसने पहले आधी रात तक उसके साथ शराब पी। फिर सोती हुई आशा के सिर पर कुल्हाड़ी से प्रहार किया। इसके बाद उसकी मौत हो जाने पर सिर और कमर पर प्रहार करता रहा। दिन निकलते ही भाग निकला।
फोन नहीं उठाती थी, हमेशा बिजी जाता था: नदीम ने गर्लफ्रेंड को रातभर पिलाई शराब, फिर कुल्हाड़ी से खत्म कर दी आशा
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पुलिस को आशा के मोबाइल की कॉल डिटेल से उसका सुराग मिला। मंगलवार को उसे गिरफ्तार कर खुलासे का दावा किया गया। उसने पूछताछ में बताया कि वह पहले मुरादनगर में जूस की दुकान लगाता था। एक दोस्त के माध्यम से एक साल पहले आशा देवी से मुलाकात हुई जो पहले दोस्ती और फिर प्यार में बदलती गई। आशा की ससुराल बुलंदशहर में है। वह काफी दिनों से पति से अलग रहती है। उसके तीन बच्चे हैं, जो पति के साथ रहते हैं।
उसने नंदग्राम के आश्रम रोड की गली नंबर छह में किराये का कमरा ले रखा है। नदीम उससे मिलने आता रहता था। उसने पुलिस को बताया कि पिछले कई दिनों से आशा या तो उसका फोन उठाती नहीं थी या फिर फोन व्यस्त मिलता था। इससे उसे शक हुआ। मुलाकात में भी वह रूखी-रूखी बात करने लगी थी, इससे शक पुख्ता हो गया कि वह किसी और को चाहने लगी है और उससे संबंध तोड़ना चाहती है। उसे यह बर्दाश्त नहीं हुआ, इसलिए ठान लिया कि उसे मौत के घाट उतार देना है।
रात के तीन बजे की हत्या, पांच बजे निकला घर से
नंदग्राम थाना प्रभारी रमेश सिंह सिद्धू ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि नदीम शुक्रवार रात जब आशा से मिलने आया तो वह बैग में कुल्हाड़ी और एक जोड़ी कपड़े साथ में लाया था। सुबह तीन बजे नदीम ने आशा के सिर पर कुल्हाड़ी से वार किया तो वह बेड से नीचे गिर गई। इसके बाद उसने उसकी कमर पर कुल्हाड़ी मारी। उसके मरने के बाद नदीम ने खून में सने अपने कपड़े बदले और सुबह होने का इंतजार किया। दिन निकलने पर करीब पांच बजे वह अपने बैग में कुल्हाड़ी, खून में सने कपड़े, आशा का मोबाइल और उसे दिए हुए गहने लेकर फरार हो गया।
मंदिर के पास छिपाए कपड़े, मोबाइल नहर में फेंका
आशा देवी के घर से निकलने के बाद नदीम ने आश्रम रोड के पास ही एक मंदिर के पास खून में सने अपने कपड़े छिपा दिए और वारदात में प्रयुक्त कुल्हाड़ी को मुरादनगर गंगनहर के पास फेंक दिया। आशा का मोबाइल तोड़कर भी उसने नहर में फेंक दिया। वह मूल रूप से मुरादाबाद के कठघर के करुल्ला का रहने वाला है। मुरादनगर के बाद जूस की दुकान मेरठ में खोली। हत्या के बाद मेरठ ही चला गया था। उसकी निशानदेही पर कुल्हाड़ी और उसके खून से सने कपड़े बरामद हो गए हैं।