पीपीई किट फैक्टरी में आगः खुद की जान हथेली पर रख जांबाजों ने बचाई दो की जान, इस तरह आग में कूदे
अंदर जाकर देखा तो 2 कर्मचारी आग की लपटों के बीच घिरे हुए जमीन पर पड़े थे। उनके बाहर निकलने या उन तक पहुंचने का कोई भी रास्ता नहीं दिखाई दे रहा था। वहीं, आग इतनी भयानक थी कि कॉस्टयूम भी पिघल सकता था। लेकिन इसकी परवाह किए बिना दमकल विभाग के तीनों जांबाज आग की लपटों में घुस गए और वहां फंसे दोनों कर्मचारियों को बाहर निकाला।
मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक आग लगने के बाद स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया था। घटना के वक्त फैक्टरी में 20 से अधिक लोग मौजूद थे। देखते ही देखते आग ने भीषण रूप ले लिया, जिसके चलते काफी लोग अंदर फस गए। कुछ लोग जैसे तैसे फैक्टरी से बाहर निकलने में कामयाब हो गए लेकिन 14 लोग अंदर ही फंस गए। झुलसे 12 लोगों को निकालकर अस्पताल भिजवा दिया गया था, लेकिन उसके बावजूद कुछ कर्मचारी अंदर फंसे रह गए थे।
पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने के बाद फैक्टरी के अंदर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। सीएफओ, साहिबाबाद फायर स्टेशन ऑफिसर व एक अन्य कर्मचारी अंदर गए तो वहां 2 लोग आग की लपटों में घिरे मिले। मशक्कत के बाद दमकल के तीनों अधिकारियों ने अपनी जान पर खेलकर दोनों लोगों की जान बचाई।
साहिबाबाद फायर स्टेशन ऑफिसर योगेंद्र कुमार प्रसाद 2015 बैच के ऑफिसर हैं। उनको बेहतर व सराहनीय कार्य के लिए डीजी गोल्ड व सिल्वर मेडल भी मिल चुका है। बीते दिनों उन्होंने 65 साल के एक बुजुर्ग व्यक्ति की अग्निकांड में जान बचाई थी। इसी के साथ एक महिला और तीन बच्चों को भी अपनी जान जोखिम में डालते हुए आग से बाहर निकाला था। उनके बेहतर कार्य को देखते हुए उनको लखनऊ से गाजियाबाद में साहिबाबाद फायर अधिकारी के रूप में हाल ही में तैनाती मिली थी।