आठ दिन पूर्व मोदीनगर के खैराजपुर गांव में हुई मुरसलीम की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। प्रेमिका समेत चार को गिरफ्तार किया है। प्रेमिका ने शादी का दबाव बनाने पर गांव के तीन युवकों के साथ मिलकर गला दबाकर प्रेमी की हत्या की थी। हत्या को आत्महत्या का रूप देने की भी कोशिश थी। हिंडन नहर में शव को फेंकने की भी योजना थी। उससे पहले पुलिस ने पकड़ लिया।
ये है मामला
सीओ सदर केएन पांडे के मुताबिक 11 अगस्त को खैराजपुर गांव निवासी मुरसलीम लापता हुआ था। 15 अगस्त को परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 17 अगस्त को तलाशी में मुरसलीम का शव उसकी प्रेमिका आयशा के घर में सोफे के नीचे दबा मिला। मृतक के भाई वाजिद ने आयशा, उसकी मां मुनजरीन, भाई कमल हसनेन व गांव निवासी जुबैर, जिसान, सबदर, आरिफ व अन्य अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस के मुताबिक आयशा ने बताया कि करीब डेढ़ साल से उसके मुरसलीम के बीच प्रेम संबंध थे। परिजनों ने आयशा की शादी तय कर दी थी। इसके बाद उसने मुरसलीम से मिलना छोड़ दिया। लेकिन वह शादी करने के लिए दबाव बना रहा था। इतना ही नहीं शादी करने से इनकार करने पर वह रिश्ता तुड़वाने की धमकी दे रहा था। परेशान होकर आयशा ने गांव निवासी तीन युवकों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।
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इसी सोफे के नीचे मिला था शव
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11 अगस्त को योजना के अनुसार आयशा ने फोन करके मुरसलीम को घर बुलाया। उस्मान, आरिफ व जुबैर के साथ मिलकर गला दबाकर मुरसलीम की हत्या कर दी। आयशा, उस्मान व आरिफ निवासी खैराजपुर को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि रावली चौकी प्रभारी नामजद आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। एसएसपी से मामले में शिकायत की गई है।
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इसी गड्ढे में दबाया था शव
- फोटो : अमर उजाला
पहले खाना खिलाया, फिर तीनों के साथ मिलकर गला दबाया
आयशा ने मुरसलीम की हत्या करने के लिए योजना बनाई थी। फोन करके मुरसलीम को घर बुलाया। पहले उसके लिए खाना बनाया। खाना खिलाकर घंटों बातें की। बात करने का मकसद उलझाकर इंतजार कराना था ताकि दूसरे आरोपी आ जाएं। हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश भी की थी। आयशा पुलिस को गुमराह करती रही। सात दिन तक शव घर में दफन रहा। सोफे के नीचे गड्ढा खोदकर शव को उसमें दबा दिया था। शव से बदबू आने लगी तो कमरे में अगरबत्ती जलाती थी।
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घर को सील करते पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
शव को हिंडन नहर में फेंकने की भी योजना बनाई थी। उससे पहले पुलिस ने शव खोज लिया। मृतक के परिजनों के कहने पर पुलिस ने आयशा पर सख्ती की तो उसने सब उगल दिया। आयशा ने मुरसलीम को 11 अगस्त को फोन करके घर पर बुलाया था। दूसरे आरोपी शाम पांच बजे घर पहुंचे। जबकि मुरसलीम सुबह करीब 10 बजे पहुंच गया था। हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए आरोपियों ने गला घोटने के बाद शव को दुपट्टा का फंदा लगाकर लटकाया भी था।