गाजियाबाद के खोड़ा में नगर पालिका परिषद और जिला प्रशासन ने सूर्या हत्याकांड के आरोपियों की संपत्ति की जांच शुरू कर दी है। शनिवार को सर्वे में सामने आया कि आरोपी असद करीब छह माह से जिस फ्लैट में रह रहा था, वह पालिका के पुराने सर्वे रिपोर्ट में है ही नहीं। सर्वे रिपोर्ट में वह पूरी गली ही गायब है।
मकान के किराये को लेकर भी अभी उलझन है। किसी ने आरोपी को किराये पर रहने तो किसी ने मकान खरीदने की बात टीम को बताई है। नगर पालिका परिषद ने वर्ष 2018 में क्षेत्र का सर्वे किया था। इसमें सभी वार्ड की गलियां शामिल थीं। मुख्य आरोपी का मकान नवनीत विहार के मदरसा वाली जिस गली में है, वह गली ही सर्वे रिकॉर्ड से बाहर है।
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गाजियाबाद पुलिस की मुख्य आरोपी के साथ मुठभेड़, घटनास्थल पर पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को अधिशासी अभियंता शैलेंद्र कुमार, कर निरीक्षक दीक्षा चौहान, लेखपाल पंकज सक्सेना समेत अन्य अधिकारी जांच करने आरोपी के घर पहुंचे। वहां पाया गया कि जिस गली में असद परिवार के साथ रह रहा था, उसमें पांच से छह मकान हैं।
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गाजियाबाद पुलिस की मुख्य आरोपी के साथ मुठभेड़, घटनास्थल पर पुलिस
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पांच मकानों का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला
गली के एक छोर के केवल एक मकान का ही रिकॉर्ड नगर पालिका की तरफ से किए गए सर्वे रिपोर्ट में मिला है। आरोपी समेत करीब पांच मकानों का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है।
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सूर्य की हत्या के बाद विलाप करती मां
- फोटो : अमर उजाला
तहसीलदार आलोक ने बताया कि अन्य आरोपियों की संपत्ति समेत अन्य प्रतिक्रियाओं की जांच की जा रही है। अभी आरोपी के मकान पर ताला लगा है, इसलिए कोई सटीक जानकारी नहीं मिल सकी है।
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सूर्य की हत्या के बाद विलाप करती मां
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छह माह पहले ही किराये के मकान पर रहने आया था असद का परिवार
स्थानीय लोगों ने सर्वे करने पहुंची टीम को बताया कि असद का परिवार करीब छह माह पहले ही किराये के मकान पर यहां रहने आया था। कुछ लोगों ने बताया कि आरोपी ने मकान अभी खरीदा है। क्षेत्र के मकान का ब्योरा नगर पालिका के पास होता है। उन्हें भी आगे की जांच के लिए बोल दिया गया है। सभी जांच पूरी होने के बाद सर्वे रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।