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मनोज जरांगे को 500 करोड़ देने का दावा: भाजपा बोली- संजय राउत ने एआई से बनाई फर्जी ऑडियो क्लिप; क्या मांग की?
Sat, 24 Oct 2026 07:26 PM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, मुंबई।
पीटीआई, मुंबई।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 24 Oct 2026 07:26 PM IST
सार
मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे को 500 करोड़ रुपये देने का दावा करने वाली ऑडियो क्लिप ने नया सियासी विवाद खड़ा कर दिया है। भाजपा ने शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत पर एआई से फर्जी क्लिप बनाने का आरोप लगाया, तो राउत ने भाजपा के भीतर से रिकॉर्डिंग लीक होने का दावा किया। इस मामले पर किसने क्या कहा कहा, कथित ऑडियो क्लिप में क्या है? पढ़िए इस रिपोर्ट में।
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भाजपा के प्रवक्ता नवनाथ बन
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/इंस्टाग्राम/नवनाथ बन
विस्तार
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे को 500 करोड़ रुपये देने का दावा करने वाली सनसनीखेज ऑडियो क्लिप को लेकर पलटवार किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के एजेंडे को आगे बढ़ाने और सत्तारूढ़ गठबंधन के सहयोगियों के बीच दरार पैदा करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से यह फर्जी क्लिप बनाई।
वहीं, राउत ने दावा किया कि ऑडियो क्लिप भाजपा के एक विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) ने लीक की थी। उन्होंने कहा कि यह भाजपा के भीतर चल रही 'एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़' का नतीजा है।
मनोज जरांगे ने पैसे मिलने से किया इनकार
जरांगे ने पैसे मिलने से इनकार किया है। उन्होंने कहा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनके उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को इस विवाद की तह तक जाना चाहिए।
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भाजपा ने क्या आरोप लगाया?
भाजपा के प्रवक्ता नवनाथ बन ने मांग की कि जरूरत पड़ने पर संजय राउत के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। साथ ही, इस आरोप की भी जांच हो कि कथित साजिश के लिए उन्हें राहुल गांधी से पैसा मिला था या नहीं।
बन ने आरोप लगाया, संजय राउत ने नवी मुंबई के वाशी में एक वॉर रूम से इस साजिश को अंजाम दिया। भाजपा को बदनाम करने का ठेका राउत ने राहुल गांधी से लिया है। पिछले कुछ दिनों से राउत लगातार गांधी के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि राउत करीब दो महीने से इस ऑडियो क्लिप पर काम कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने यूट्यूब पर उपलब्ध आवाजों के नमूनों को एआई की मदद से जोड़कर क्लिप तैयार की।
ये भी पढ़ें: दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुंचे शाह-रेखा गुप्ता: इंडिया ब्लॉक की रैली से पहले कानून-व्यवस्था पर चर्चा, क्या होगा?
बन ने आरोप लगाया, संजय राउत ने शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र 'सामना' के कार्यालय में कथित बातचीत की पटकथा लिखी। शुरुआत में उन्होंने 100 करोड़ रुपये से जुड़ा आरोप लगाने पर विचार किया था। बाद में मीडिया का अधिक ध्यान खींचने के लिए रकम बढ़ाकर 500 करोड़ रुपये कर दी। उन्होंने दावा किया कि इस ऑडियो का मकसद भाजपा नेताओं, शिंदे और जरांगे की छवि खराब करना था। साथ ही, उनके बीच टकराव पैदा करना भी इसका मकसद था।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस ऑडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच के आदेश दिए थे। यह कदम शिवसेना नेता रामदास कदम के आरोपों के बीच उठाया गया। कदम ने आरोप लगाया था कि भाजपा के कुछ अंदरूनी लोग जरांगे के साथ मिलकर शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे को 'खत्म' करने की साजिश कर रहे हैं।
विवाद कहां से शुरू हुआ?
गुरुवार को जरांगे ने यह ऑडियो क्लिप जारी की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें चुप कराने और मराठा आंदोलन को कमजोर करने के लिए साजिश रची गई है। वायरल रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर भाजपा के पदाधिकारियों की आवाजें हैं। इसमें एक महिला दावा करती सुनाई देती है कि एकनाथ शिंदे के बेटे और शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिये जरांगे को 500 करोड़ रुपये दिए गए थे। रिकॉर्डिंग में वक्ताओं को 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले मराठवाड़ा क्षेत्र में जरांगे के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव का मुकाबला करने की रणनीतियों पर चर्चा करते हुए भी सुना जा सकता है।
भाजपा प्रवक्ता ने और क्या कहा?
बन ने कहा कि मुख्यमंत्री फडणवीस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाने की घोषणा की है। हालांकि, उन्होंने मांग की कि जांचकर्ता खास तौर पर संजय राउत की कथित भूमिका और कथित 'वॉर रूम' की गतिविधियों की जांच करें। उन्होंने कहा, इस बात की जांच होनी चाहिए कि कथित अभियान के सिलसिले में राउत को गांधी (राहुल गांधी) से धन मिला था या नहीं।
बन ने आगे दावा किया कि इस ऑडियो क्लिप से केवल कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) को फायदा होगा। वहीं, इससे भाजपा, शिंदे और जरांगे को नुकसान पहुंचेगा। भाजपा के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) प्रसाद लाड ने भी मांग की कि राउत को इस मामले में मुख्य आरोपी और 'साजिशकर्ता' बनाया जाए।
लाड ने पत्रकारों से कहा, मामला दर्ज होना चाहिए और पूछताछ के लिए सबसे पहले संजय राउत को हिरासत में लिया जाना चाहिए। उनसे पूछा जाना चाहिए कि उन्हें कैसे पता था कि क्लिप कैसे बनाई गई, इसे किसने बनाया और इसे तैयार करने में किन चीजों का इस्तेमाल हुआ।
श्रीकांत शिंदे ने आरोप पर क्या कहा?
वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस कथित ऑडियो क्लिप पर शिवसेना के सांसद श्रीकांत शिंदे ने आज पहली बार प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस आरोप को खारिज किया कि उन्हें मनोज जरांगे को देने के लिए कोई पैसा मिला था।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत ने कहा कि वह भी उस व्यक्ति की तलाश कर रहे हैं, जिसे कथित तौर पर उन्हें देने के लिए पैसे दिए गए थे। श्रीकांत ने पत्रकारों से कहा, मैं भी उस व्यक्ति को तलाश रहा हूं, जिसे 500 करोड़ रुपये दिए गए थे। यह पैसा मुझ तक पहुंचा ही नहीं। मेरा भी वही सवाल है, जो जरांगे का है।
उन्होंने मजाकिया अंदाज में आगे कहा, हम सोच रहे थे कि 500 करोड़ रुपये का ढेर कैसा दिखता होगा और उसे ले जाने के लिए कितनी गाड़ियों की जरूरत पड़ती होगी। शिवसेना के सांसद ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। इससे पूरी स्थिति साफ हो जाएगी।
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वहीं, राउत ने दावा किया कि ऑडियो क्लिप भाजपा के एक विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) ने लीक की थी। उन्होंने कहा कि यह भाजपा के भीतर चल रही 'एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़' का नतीजा है।
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मनोज जरांगे ने पैसे मिलने से किया इनकार
जरांगे ने पैसे मिलने से इनकार किया है। उन्होंने कहा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनके उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को इस विवाद की तह तक जाना चाहिए।
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भाजपा ने क्या आरोप लगाया?
भाजपा के प्रवक्ता नवनाथ बन ने मांग की कि जरूरत पड़ने पर संजय राउत के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। साथ ही, इस आरोप की भी जांच हो कि कथित साजिश के लिए उन्हें राहुल गांधी से पैसा मिला था या नहीं।
बन ने आरोप लगाया, संजय राउत ने नवी मुंबई के वाशी में एक वॉर रूम से इस साजिश को अंजाम दिया। भाजपा को बदनाम करने का ठेका राउत ने राहुल गांधी से लिया है। पिछले कुछ दिनों से राउत लगातार गांधी के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि राउत करीब दो महीने से इस ऑडियो क्लिप पर काम कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने यूट्यूब पर उपलब्ध आवाजों के नमूनों को एआई की मदद से जोड़कर क्लिप तैयार की।
ये भी पढ़ें: दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुंचे शाह-रेखा गुप्ता: इंडिया ब्लॉक की रैली से पहले कानून-व्यवस्था पर चर्चा, क्या होगा?
बन ने आरोप लगाया, संजय राउत ने शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र 'सामना' के कार्यालय में कथित बातचीत की पटकथा लिखी। शुरुआत में उन्होंने 100 करोड़ रुपये से जुड़ा आरोप लगाने पर विचार किया था। बाद में मीडिया का अधिक ध्यान खींचने के लिए रकम बढ़ाकर 500 करोड़ रुपये कर दी। उन्होंने दावा किया कि इस ऑडियो का मकसद भाजपा नेताओं, शिंदे और जरांगे की छवि खराब करना था। साथ ही, उनके बीच टकराव पैदा करना भी इसका मकसद था।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस ऑडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच के आदेश दिए थे। यह कदम शिवसेना नेता रामदास कदम के आरोपों के बीच उठाया गया। कदम ने आरोप लगाया था कि भाजपा के कुछ अंदरूनी लोग जरांगे के साथ मिलकर शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे को 'खत्म' करने की साजिश कर रहे हैं।
विवाद कहां से शुरू हुआ?
गुरुवार को जरांगे ने यह ऑडियो क्लिप जारी की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें चुप कराने और मराठा आंदोलन को कमजोर करने के लिए साजिश रची गई है। वायरल रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर भाजपा के पदाधिकारियों की आवाजें हैं। इसमें एक महिला दावा करती सुनाई देती है कि एकनाथ शिंदे के बेटे और शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिये जरांगे को 500 करोड़ रुपये दिए गए थे। रिकॉर्डिंग में वक्ताओं को 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले मराठवाड़ा क्षेत्र में जरांगे के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव का मुकाबला करने की रणनीतियों पर चर्चा करते हुए भी सुना जा सकता है।
भाजपा प्रवक्ता ने और क्या कहा?
बन ने कहा कि मुख्यमंत्री फडणवीस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाने की घोषणा की है। हालांकि, उन्होंने मांग की कि जांचकर्ता खास तौर पर संजय राउत की कथित भूमिका और कथित 'वॉर रूम' की गतिविधियों की जांच करें। उन्होंने कहा, इस बात की जांच होनी चाहिए कि कथित अभियान के सिलसिले में राउत को गांधी (राहुल गांधी) से धन मिला था या नहीं।
बन ने आगे दावा किया कि इस ऑडियो क्लिप से केवल कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) को फायदा होगा। वहीं, इससे भाजपा, शिंदे और जरांगे को नुकसान पहुंचेगा। भाजपा के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) प्रसाद लाड ने भी मांग की कि राउत को इस मामले में मुख्य आरोपी और 'साजिशकर्ता' बनाया जाए।
लाड ने पत्रकारों से कहा, मामला दर्ज होना चाहिए और पूछताछ के लिए सबसे पहले संजय राउत को हिरासत में लिया जाना चाहिए। उनसे पूछा जाना चाहिए कि उन्हें कैसे पता था कि क्लिप कैसे बनाई गई, इसे किसने बनाया और इसे तैयार करने में किन चीजों का इस्तेमाल हुआ।
श्रीकांत शिंदे ने आरोप पर क्या कहा?
वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस कथित ऑडियो क्लिप पर शिवसेना के सांसद श्रीकांत शिंदे ने आज पहली बार प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस आरोप को खारिज किया कि उन्हें मनोज जरांगे को देने के लिए कोई पैसा मिला था।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत ने कहा कि वह भी उस व्यक्ति की तलाश कर रहे हैं, जिसे कथित तौर पर उन्हें देने के लिए पैसे दिए गए थे। श्रीकांत ने पत्रकारों से कहा, मैं भी उस व्यक्ति को तलाश रहा हूं, जिसे 500 करोड़ रुपये दिए गए थे। यह पैसा मुझ तक पहुंचा ही नहीं। मेरा भी वही सवाल है, जो जरांगे का है।
उन्होंने मजाकिया अंदाज में आगे कहा, हम सोच रहे थे कि 500 करोड़ रुपये का ढेर कैसा दिखता होगा और उसे ले जाने के लिए कितनी गाड़ियों की जरूरत पड़ती होगी। शिवसेना के सांसद ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। इससे पूरी स्थिति साफ हो जाएगी।