गाजियाबाद डबल मर्डर केस में खुलासा हुआ है कि मृतका डॉली ने खुद आरोपियों की खातिरदारी किसी रिश्तेदार की तरह की थी। दरअसल डॉली बाहर गई थी। डॉली के घर पहुंचने के बाद उमा(अम्मा) और सोनू(टेलर) की रिश्तेदारों की तरह खातिरदारी हुई। चाय नाश्ता करने के बाद उमा ने सोनू से कहा कि अब चलते हैं। उसके बाद सोनू ने जवाब दिया, जिस काम के लिए आए हैं, पहले वह तो पूरा कर लें। पढ़ें आगे कैसे दोनों आरोपियों ने हत्या और लूटपाट की घटना को अंजाम दिया...
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आरोपी महिला
- फोटो : अमर उजाला
उसके बाद पांच लोगों को ऊपर अंदर वाले कमरे में बंद कर दिया। सबसे पहले अंशु को सटाकर गोली मारी। डॉली ने विरोध किया तो पहले उससे मारपीट की और कहा कि तुझे भी मार देंगे, पहले ये बता पैसा और जेवरात कहां रखे हैं। डॉली ने डर के कारण जेवरात और कैश के बारे में पता दिया। उसके बाद उन्होंने डॉली को भी गोली मार दी।
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गाजियाबाद डबल मर्डर के आरोपी गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
अगली गोली नहीं चली तो बच्चों के साथ मारपीट की और चाकू से हमला कर दिया। उन्हें मरा समझकर जेवरात और रुपये लेकर निकल गए। पुलिस ने उमा की एक वीडियो भी जारी की है। वीडियो में वह बोल रही है कि वह डॉली गांव के रिश्ते से मेरी सास की पोती लगती थी, मैं उसकी अम्मा लगती हूं। उसके बच्चे भी उसे अम्मा बोलते हैं। काफी समय से मैं और सोनू योजना बना रहे थे।
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जांच करते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
एक घंटे तक घर में घुसे रहे आरोपी
पुलिस ने बताया कि आरोपी घटना करने से एक घंटे पहले ही घर में आ गए थे। वह डॉली के साथ बैठकर बातें भी करते रहे। जबकि उनके बच्चे ट्यूशन पढ़ रहे थे। ट्यूशन पढ़ने के बाद बच्चे नीचे आ गए और अंशु डॉली के पास ही रुकी रही। स्थानीय लोगों ने बताया कि बच्चों को ऊपर बुला लिया। फिर उन्हें कमरे में बंद कर घटना को अंजाम दिया।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
हत्या के बाद 20 मिनट तक खंगालते रहे घर
बेखौफ आरोपी हत्या के बाद अलमारी और बेड को 20 मिनट तक खंगालते रहे। उन्हें जरा भी डर नहीं था कि घर के अंदर कोई आ गया तो क्या होगा? उन्होंने बेड और अलमारी में रखे सारे सामान को एकत्र किया और उसके बाद भाग गए।