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बुलंदशहर शराब कांड: 80 रुपये में घर से बंट रहा था 'मौत' का सामान, पीते ही होने लगी थी सीने और आंखों में भयंकर जलन
Sat, 09 Jan 2021 08:32 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 09 Jan 2021 08:32 AM IST
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bulandshahr Poisonous Liquor Case
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के सिकंदराबाद के जीतगढ़ी गांव में शराब तस्कर कुलदीप के घर से ही मौत का सामान बंट रहा था। बृहस्पतिवार की शाम छह बजे कुछ लोग गांव के एक छोर पर स्थित शराब तस्कर के घर से ही शाम छह बजे के करीब अस्सी-अस्सी रुपये में पव्वे खरीदकर लाए थे। जिसने भी शराब पी कुछ देर बाद उसी के सीने और आंखों में जलन होने लगी।
विलाप करते हुए परिजन
- फोटो : अमर उजाला
हालत बिगड़ी तो परिजन अस्पताल लेकर निकले, लेकिन चार लोगों ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। एक की मौत शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े दस बजे अस्पताल में हुई। जीतगढ़ी गांव का ही रहने वाला कुलदीप लंबे समय से पुलिस और आबकारी विभाग की शह पर गांव में ही अवैध से शराब बेचने का काम कर रहा था। गांव में जो उसके खिलाफ बोलने की कोशिश करता वह उसे पुलिस से भी धमकी दिलवा देता।
विलाप करते हुए परिजन
- फोटो : अमर उजाला
वह खुद भी धमकाता कि ऊपर तक सेटिंग है और उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। गांव के ही कुछ लोग अक्सर कुलदीप के घर से ही शराब खरीदकर लाते थे। जहरीली शराब पीने से मरने वाले कलुआ के बेटे अनुज ने बताया कि उसके पिता अस्सी रुपये में पव्वा खरीदकर लाए थे। बृहस्पतिवार की शाम शराब पीने के बाद उनकी आंखों और सीने में जलन होने लगी।
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जहरीली शराब कांड का आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
कलुआ को खून की उल्टियां लगने लगीं तो परिजन उसे अस्पताल के लिए लेकर निकले पर रास्ते में ही उसने करीब 8.40 बजे दम तोड़ दिया। इसी बीच सरजीत की हालत भी शराब की वजह बिगड़ गई और अस्पताल ले जाते समय करीब 8.50 बजे उसकी भी मौत हो गई। रात में करीब चार बजे अस्पताल ले जाते समय सुखपाल और करीब साढ़े चार बजे अस्पताल ले जाते समय सतीश की भी जान चली गई।
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गांव में गमगीन माहौल
- फोटो : अमर उजाला
पन्नालाल ने सुबह करीब साढ़े दस बजे अस्पताल में दम तोड़ा इन सभी के सीने और आंखों में भयंकर जलन हुई और खून की उल्टियां लगीं। सरजीत के परिजनों का कहना है कि रात में ही नौ बजे उन्होंने इस मामले की सूचना डायल 112 पर पुलिस को दी, लेकिन उसके बावजूद किसी की जान नहीं बचाई जा सकी। घटना के बाद गांव में दहशत और सन्नाटा पसर गया।