‘पहले पति की मौत हो गई। फिर बेटी विधवा हो गई और अब बेटा भी छोड़कर चला गया। जीवन में और क्या देखने को बचा है। बेटा ही एकमात्र सहारा था। उसी पर पूरा घर निर्भर था। अब घर में बिजली का इस्तेमाल करने में भी डर लगता है। पता नहीं, बिल कैसे जमा होगा।’ यह बातें गौरव चंदेल की मां लता चंदेल ने कहीं। वे घर पर सांत्वना देने आने वाले लोगों से दर्द बयां कर रही थीं।
गौरव चंदेल हत्याकांडः रोती हुई मां बोली- ‘पहले पति, फिर दामाद और अब बेटा भी छोड़ गया’, 'बिजली बंद...
बेटा गौरव चंदेल की मौत से आहत रोते-रोते मां ने कहा कि पति बीमारी और दामाद की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी, लेकिन नहीं पता था कि बेटे की ऐसे हत्या होगी। वह भी घर के बिलकुल पास बेटे को मार दिया जाएगा। किसी से दुश्मनी नहीं थी। अगर लूटपाट करनी थी तो कर लेते। हाथ पैर तोड़ लेते, मारने की क्या जरूरत थी। मरहम पट्टी कराकर ठीक हो जाता। फ्लैट खरीदा था तो बहुत खुश हुआ था। बोल रहा था कि मां अपना घर हो गया है। इसी बीच लोग गौरव की मांग को दिलासा बांध रहे थे, लेकिन मां के आंसू नहीं थम रहे थे। बता दें कि गौरव फ्लैट में अपनी मां, पत्नी व बेटे के साथ अप्रैल, 2016 में शिफ्ट हुए थे।
माफी की जगह बेटा वापस ला दो
दुखी मां कहती है कि अब पुलिस अफसर हाथ जोड़कर माफी मांग रहे हैं। माफी मात मांगों, बस मेरा बेटा लाकर दे दें। अगर पुलिस वाले उस रात मदद कर देते तो आज बेटा जिंदा होता। पुलिस की लापरवाही से बेटा दूर चला गया।
ऐसा कभी नहीं हुआ, जब नहीं उठाया फोन
गौरव की पत्नी प्रीति ने बताया कि ऐसा कभी नहीं हुआ, जब गौरव ने फोन नहीं उठाया। अगर ऑफिस की बैठक में है या फिर किसी काम में व्यस्त है तो उस स्थिति में भी फोन उठाकर बात नहीं करने और बाद में फोन करने का जवाब देते थे, लेकिन उस दिन पहली बार ऐसा हुआ। उसी से कुछ अनहोनी का आभास हो गया था तभी तलाश शुरू कर दी थी।
फोन नहीं उठाने पर लगता है डर
गौरव की पड़ोसी शिल्पा शर्मा कहती हैं कि घटना के बाद से काफी डर लग रहा है। अगर परिवार का कोई सदस्य घर से बाहर है और वह फोन नहीं उठा रहा है तो डर लगना शुरू हो जाता है। गौरव के घर पर मौजूद अन्य महिलाओं का भी यह डर सामने आया। सोसायटी के अन्य लोगों भी सावधानी बरत रहे हैं।