गुरुग्राम के सदर बाजार स्थित जामा मस्जिद में शनिवार रात नमाज पढ़कर आ रहे एक युवक को रोककर नशे में धुत शरारती तत्वों ने उसके टोपी पहनने पर टिप्पणी की और कथित तौर पर भारत माता की जय और जय श्रीराम के नारे लगाने के लिए कहा। मना करने पर उससे मारपीट की और टोपी फेंक दी। गुरुग्राम का यह मामला अब देशभर में चर्चा का विषय बन गया है और अब इस विवाद में दिल्ली के नवनिर्वाचित सांसद गौतम गंभीर भी कूद गए हैं। आगे जानिए इस पूरे वाकये पर गौतम गंभीर ने क्या कहा और उन्होंने जावेद अख्तर की बात क्यों की....
गुरुग्राम में जबरन जय श्री राम के नारे लगवाने पर गौतम गंभीर को याद आए जावेद अख्तर, कह दी बड़ी बात
इस पूरे मामले को दुखद बताते हुए गौतम गंभीर ने ट्वीट किया, 'गुरुग्राम में एक मुस्लिम युवक को उसकी टोपी उतारकर जय श्रीराम के नारे लगाने के लिए कहा गया। यह बहुत दुखद है। गुरुग्राम प्रशासन को इस पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। हम एक धर्म निरपेक्ष राष्ट्र हैं, जहां जावेद अख्तर 'ओ पालन हारे, निर्गुण और न्यारे' लिखते हैं और राकेश ओम प्रकाश मेहरा हमें फिल्म दिल्ली 6 में 'अर्जियां' जैसा गाना देते हैं।'
“In Gurugram Muslim man told to remove skullcap,chant Jai Shri Ram”.
It is deplorable. Exemplary action needed by Gurugram authorities. We are a secular nation where @Javedakhtarjadu writes “ओ पालन हारे, निर्गुण और न्यारे” & @RakeyshOmMehra gave us d song “अर्ज़ियाँ” in Delhi 6.
गौतम गंभीर ने आगे लिखा, 'धर्म निरपेक्षता पर मेरे विचार पीएम मोदी के मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सब का विश्वास” से प्रेरित हैं। मैं यहां सिर्फ गुरुग्राम के घटना की बात नहीं कर रहा हूं, बल्कि किसी भी तरह से जाति-धर्म के नाम पर किसी को दबाया जाए यह दुखद है। सहिष्णुता और सबका विकास ही वह आइडिया है जिस पर भारत राष्ट्र के तौर पर आधारित है।'
My thoughts on secularism emanate from honourable PM Mr Modi’s mantra “सबका साथ, सबका विकास, सब का विश्वास”. I am not limiting myself to Gurugram incident alone, any oppression based on caste/religion is deplorable. Tolerance & inclusive growth is what idea of India is based on.
क्या है पूरा मामला
युवक की पिटाई के बाद शोरशराबा सुनकर बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्रित हुए तो आरोपी मौके से फरार हो गए। माहौल गरमाता देख पुलिस के आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंच लोगों को शांत किया। फिलहाल अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान में जुटी है।
पुलिस के अनुसार मूलरूप से बिहार के बेगुसराय निवासी बरकत आलम (25) रात 10 बजे नमाज पढ़कर अपने कमरे पर जा रहा था। सदर बाजार में बाइक सवार चार युवक व पैदल जा रहे दो युवकों ने उसका रास्ता रोका। युवकों ने शराब पी रखी थी। वे बरकत के टोपी पहनने पर टिप्पणी करने लगे। उसने विरोध किया तो नारे लगाने के लिए जबरदस्ती करने लगे। उसके मना करने पर पैदल चल रहे युवकों ने उसके साथ मारपीट करते हुए टोपी गिरा दी और जान से मारने की धमकी देने लगे।