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डीडीए एक्शन में: दिल्ली में 12 लाख नए घरों की राह खोलेगी लैंड पूलिंग नीति, 200 वर्ग किमी में होगा शहरी विस्तार
Sat, 17 Oct 2026 06:03 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 17 Oct 2026 06:03 AM IST
सार
करीब 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में शहरी विकास और लगभग 12 लाख नए आवास तैयार करने की क्षमता वाली इस नीति को गति देने के लिए डीडीए एक महीने तक गांव-गांव पहुंचकर जमीन मालिकों और किसानों से संवाद करेगा।
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डीडीए
- फोटो : ANI
विस्तार
दिल्ली में नियोजित शहरी विस्तार की योजना को जमीन पर उतारने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने लैंड पूलिंग क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ा दी है। करीब 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में शहरी विकास और लगभग 12 लाख नए आवास तैयार करने की क्षमता वाली इस नीति को गति देने के लिए डीडीए एक महीने तक गांव-गांव पहुंचकर जमीन मालिकों और किसानों से संवाद करेगा। डीडीए ने कहा कि इसमें 600 किमी से अधिक अतिरिक्त सड़क नेटवर्क विकसित करने की तैयारी है। फिर भी, इस विस्तार को साकार करने में जमीन मालिकों की भागीदारी, बुनियादी ढांचे का विकास और योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन की बड़ी भूमिका होगी।
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दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के निर्देश पर शुरू इस अभियान के तहत डीडीए गांवों में मौके पर ही जनसंपर्क शिविर लगा रहा है। इसका उद्देश्य जमीन मालिकों को लैंड पूलिंग नीति के विकास मॉडल, भूखंडों के नियोजित विकास और कार्यान्वयन की प्रक्रिया की जानकारी देना है। यह अभियान रिफॉर्म उत्सव के तहत चलाया जा रहा है। डीडीए के अनुसार, मास्टर प्लान दिल्ली-2047 में लैंड पूलिंग क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दी गई है।
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तीन गांवों में कार्यक्रम, पांच जगहों पर अगले शिविर
डीडीए के मुताबिक, जोन के-1 के बक्करवाला, जोन पी-II के तिगीपुर और जोन एन के सुल्तानपुर डबास में जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इनमें जमीन मालिकों और अन्य हितधारकों ने हिस्सा लिया। प्राधिकरण का दावा है कि कुछ भू-स्वामियों ने विकास प्रक्रिया में भाग लेने की इच्छा जताई और अधिकारियों से अपनी शंकाओं का समाधान भी मांगा। अधिकारियों ने बताया कि भूखंडों के विवरण के साथ रोड नेटवर्क प्लान की जानकारी जल्द उपलब्ध कराई जाएगी। आगे जोन एल के छावला और सरनपुर, जोन जे के नेब सराय तथा जोन पी-I के खेड़ा कलां और जोन पी-II के मुखमेलपुर में शिविर आयोजित किए जाने हैं।
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सड़क, स्कूल, अस्पताल और बाजार विकसित करने की योजना
लैंड पूलिंग नीति का उद्देश्य केवल आवासीय कॉलोनियां विकसित करना नहीं, बल्कि सड़कों, बिजली-पानी जैसी उपयोगिताओं, स्कूलों, स्वास्थ्य सुविधाओं, पार्कों और व्यावसायिक केंद्रों से युक्त एकीकृत शहरी क्षेत्र तैयार करना है। इसके तहत जमीन मालिकों को डीडीए के साथ साझेदारी में स्वेच्छा से अपने भूखंडों को पूल कर नियोजित विकास में भाग लेने का विकल्प दिया गया है। इसमें 30 मीटर या उससे अधिक राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) वाली सड़कों को शामिल करते हुए 600 किलोमीटर से अधिक अतिरिक्त सड़क नेटवर्क की योजना है।
यूईआर-दो के आसपास हाई-डेंसिटी कॉरिडोर की परिकल्पना
नीति के तहत शहरी विस्तार मार्ग-दो (यूईआर-II) के साथ हाई-डेंसिटी कॉरिडोर विकसित करने की परिकल्पना है। इसमें किफायती आवास, व्यावसायिक गतिविधियों, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सुविधाओं के विकास के साथ रोजगार के अवसर पैदा करने पर जोर दिया गया है। मिश्रित उपयोग वाले क्षेत्रों में आवास, बाजार, कार्यस्थल और सार्वजनिक सेवाओं को एक साथ विकसित करने की योजना है। डीडीए के अनुसार, 20 हेक्टेयर की प्लानिंग स्कीम के प्रावधान से बड़े भूखंडों के एक साथ उपलब्ध होने का इंतजार किए बिना चरणबद्ध विकास का रास्ता खुलेगा। प्राधिकरण ने प्रक्रियाओं को सरल बनाने और नियोजन में लचीलापन बढ़ाने की बात भी कही है।
गढ़ी खुसरो और इब्राहिमपुर में क्रियान्वयन की तैयारी
डीडीए ने सेक्टर 8बी, ग्राम गढ़ी खुसरो और इब्राहिमपुर को नीति के तहत क्रियान्वयन के लिए तैयार या अधिसूचित होने वाले शुरुआती क्षेत्रों में शामिल बताया है। प्राधिकरण ने कहा कि यहां की प्रगति दूसरे सेक्टरों में भी योजना लागू करने का रास्ता तैयार कर सकती है। अभी लैंड पूलिंग नीति जहां लागू है, उसमें अकबरपुर माजरा, बापरौला, बवाना, बुराड़ी, धुलसिरस, घेवरा, इब्राहिमपुर, झड़ौदा माजरा, नजफगढ़ और नंगली पूना जैसे गांव शामिल हैं।