फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

11 बार नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित हुए थे जवाहरलाल नेहरू, वसीयत में लिखी थीं ये बातें

Mon, 27 May 2019 11:38 AM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Mon, 27 May 2019 11:38 AM IST
विज्ञापन
jawaharlal nehru death anniversary special nominated 11 times nobel peace prize his will
jawaharlal nehru - फोटो : सोशल मीडिया

आज देश के प्रथम प्रधानमंत्री स्वर्गीय पंडित जवाहरलाल नेहरू की 55वीं पुण्यतिथि है। देश के प्रथम प्रधानमंत्री होने के साथ ही वह स्वतंत्रता सेनानी और नए भारत के निर्माता भी हैं। उनके जीवन के बारे में कई ऐसी बातें हैं जो लोग नहीं जानते। आइए जानते हैं उनके जीवन और वसीयत को लेकर कुछ ऐसी बातें जो बहुत कम लोगों को पता हैं....

Trending Videos
jawaharlal nehru death anniversary special nominated 11 times nobel peace prize his will
jawaharlal nehru - फोटो : अमर उजाला

जवाहरलाल नेहरू का जन्म एक कश्मीरी पंडित व वकीलों के परिवार में 14 नवंबर 1889 में हुआ था। उनके पिता का नाम मोतीलाल नेहरू था जो अपने जमाने के बड़े बैरिस्टर थे, वहीं उनकी माता का नाम स्वरूप रानी था। नेहरू ने अपनी स्कूली शिक्षा हैरो से और कॉलेज की पढ़ाई ट्रिनिटी कॉलेज, लंदन से पूरी की। इसके बाद उन्होंने अपनी लॉ की डिग्री कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से ली। वह बचपन से ही पढ़ने-लिखने में तेज थे। लंदन के इनर टेंपल में उन्होंने दो वर्ष बिताए और इस दौरान उन्होंने वकालत की पढ़ाई पूरी की। भारत लौटकर वह इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकालत की प्रैक्टिस करने लगे।

jawaharlal nehru death anniversary special nominated 11 times nobel peace prize his will
jawaharlal nehru

वकालत करते-करते वह अपने पिता मोतीलाल नेहरू और महात्मा गांधी के साथ कांग्रेस पार्टी से जुड़ गए। धीरे-धीरे वह अपने काम के बदौलत कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शुमार हो गए। ये जवाहरलाल नेहरू ही थी जिन्होंने 1929 में पूर्ण स्वराज्य की मांग की थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
jawaharlal nehru death anniversary special nominated 11 times nobel peace prize his will
jawaharlal nehru - फोटो : अमर उजाला

पंडित नेहरू के भारत वापस लौटने पर 1916 में उनकी शादी कमला नेहरू से हुई। 1941 के बाद महात्मा गांधी ने उन्हें अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित कर दिया था। नेहरू के फैशन के बारे में काफी बातें की जाती हैं। उनका बंद कॉलर वाला नेहरू जैकेट आज भी काफी पसंद किया जाता है।

विज्ञापन
jawaharlal nehru death anniversary special nominated 11 times nobel peace prize his will
jawaharlal nehru - फोटो : सोशल मीडिया

आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि पंडित नेहरू को 11 बार नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया गया, हालांकि एक बार भी उन्हें यह पुरस्कार नहीं मिल सका। लंबे संघर्षों के बाद जब 1947 में भारत को आजादी मिली और तब वह स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री चुने गए। संसदीय सरकार की स्थापना और विदेशी मामलों गुटनिरपेक्ष नीतियों की शुरुआत जवाहरलाल नेहरू की ओर से हुई थी।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed