दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा और सोनीपत एसटीएफ की संयुक्त टीम से महज 13 मिनट में गैंगस्टर हिमांशु भाऊ के तीन बदमाशों को ढेर कर दिया था। इस दौरान दोनों ओर से 43 गोलियां चली थीं। बदमाश एक के बाद एक गोली चलाकर पुलिस को ललकारते रहे। एक गोली दिल्ली पुलिस के एसआई अमित की टांग में लगी जबकि एक-एक गोली पुलिस उपायुक्त अमित गोयल और एसीपी उमेश भर्तवाल की बुलेट प्रूफ जैकेट पर लगी।
सोनीपत एनकाउंटर की पूरी कहानी: दोनों ओर से चलीं 43 गोलियां, रात 8.40 बजे पुलिस ने घेरा, 8.53 पर एंबुलेंस बुलाई
क्राइम ब्रांच की विशेष पुलिस आयुक्त शालिनी सिंह ने बताया कि राजौरी गार्डन स्थित बर्गर किंग में 18 जून को अमन जून (26) की हत्या के मामले में पुलिस को शूटरों की तलाश थी। शुक्रवार को पुलिस उपायुक्त अमित गोयल, एसीपी उमेश भर्तवाल, इंस्पेक्टर रामपाल, एसआई अमित व अन्यों की टीम को मुखबिर से खबर मिली। बताया गया कि भाऊ गैंग के बदमाश आशीष और विक्की किसी साथी के साथ खरखौदा में बड़ी वारदात को अंजाम देने जा रहे हैं। सभी बदमाश किया सेलटोस कार में सवार हैं।
सूचना के बाद फौरान सूचना को एसटीएफ सोनीपत के डिप्टी एसपी इंदिवर और इंस्पेक्टर योगिंदर से सांझा किया गया। संयुक्त टीम बदमाशों की तलाश में जुट गई। इस बीच पुलिस ने रात करीब 8:40 बजे रोहतक-छिनौली रोड पर बदमाशों की गाड़ी देखी। पुलिस को देखते ही बदमाश भागने लगे।
उन्होंने कच्चे रास्ते पर गाड़ी उतार दी जो खेत में फंस गई। इस बीच बदमाशों ने गोलियां चलानी शुरू कर दी। पुलिस ने बदमाशों से फायरिंग बंद करने और सरेंडर करने के लिए कहा। इस बीच एक गोली एसआई अमित को लगी। बाद में एसीपी व डीसीपी की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी गोली लगी। इसके बाद बदमाशों को ढेर कर दिया गया। बदमाश ने 24 और पुलिस ने 19 गोलियां चलाईं। सन्नी को पांच और आशीष व विक्की को तीन-तीन गोलियां लगीं। बाद में खरखौदा थाने में इस संबंध में मामला दर्ज किया। बर्गर किंग हत्या के मामले में आशीष और विक्की दोनों की तलाश थी।
आशीष के खिलाफ 20 तो सन्नी के खिलाफ 7 मामले थे दर्ज
पुलिस अधिकारी ने बताया कि आशीष के खिलाफ 20 मामले दर्ज थे, जबकि सन्नी के खिलाफ सात और विक्की के खिलाफ तीन मामले दर्ज थे। इनकी गिरफ्तारी पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। दिल्ली और हरियाणा पुलिस को इनकी तलाश थी। हिमांशु भाऊ के मौजूदा समय में पुर्तगाल में होने की आशंका है। तीनों बदमाश हिमांशु के गिरोह के लिए काम करते थे।
एक सप्ताह पहले भाऊ ने इंस्टाग्राम पर डाली थी पोस्ट
भाऊ ने इंस्टाग्राम पर एक सप्ताह पहले पोस्ट डाली थी। इसमें भाऊ ने लिखा था, ‘आज हमारे तीन भाई आशीष उर्फ लालू हिसार, सन्नी गुर्जर और विक्की छोटा उर्फ रिंधाना को पुलिस ने बिना मुठभेड़ के बाद अरेस्ट कर लिया है। उनके पास कोई हथियार नहीं था। पुलिस उनकी गिरफ्तारी को छुपा रही है, ताकि वो अजय की तरह फर्जी एनकाउंटर कर मेडल पा सकें। पुलिस गुंडागर्दी छोड़कर कानून के दायरे में काम करे।’ हालांकि, पोस्ट को बाद में हटा लिया गया था। भाऊ ने गिरफ्तारी के लिए दिल्ली या हरियाणा पुलिस का नाम नहीं लिया था। इधर, पोस्ट के एक सप्ताह बाद अब तीनों के एनकाउंटर पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस तरह के पोस्ट गैंगस्टर दबाव बनाने के लिए करते हैं। पुलिस का कहना है कि तीनों बदमाशों को पहले नहीं पकड़ा गया था।
छह माह में भाऊ गिरोह ने जमा किए 25 करोड़
एक माह पहले बर्गर किंग में अमन की हत्या के बाद सुर्खियों में आए हिमांशु भाऊ गैंग ने एक के बाद एक ताबड़तोड़ वारदात कर पुलिस की नाक में दम कर दिया। हरियाणा और दिल्ली के कारोबारियों से लगातार बदमाश रंगदारी वसूलते रहे। बड़ी संख्या में ऐसे भी कारोबारी थे, जिन्होंने डर की वजह से पुलिस से शिकायत नहीं की और रंगदारी दे दी। सूत्रों का कहना है कि छह माह के दौरान 25 करोड़ से ज्यादा की रकम गिरोह वसूल चुका है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि तीन शूटर की मौत से गिरोह धक्का लगेगा। उनकी वारदातों में फिलहाल कमी आएगी।