नाम प्रेम प्रकाश उर्फ मुन्ना बजरंगी। इस नाम के बिल्कुल उल्टा था ये शख्स। बताया जाता है कि इसने 17 साल की उम्र में ही एक आदमी की हत्या कर दी। इसके बाद भदोही से ट्रेन पकड़कर सपनों की नगरी मुंबई पहुंच गया था।
इसके बाद अंडरवर्ल्ड डॉन मुन्ना बजरंगी ने 100 से ज्यादा मर्डर किये। ऐसा कहा जाता है कि मुन्ना मुंह से कम और बदूंक से बातें ज्यादा करता था। इसने अपने दोस्त माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के कहने पर भाजपा विधायक कृष्णानंद राय को दिनदहाड़े मौत के घाट उतार दिया था। बताया जाता है कि इसे फिल्मों की तरह एक बड़ा गैंगस्टर बनने का शौक था।
लोगों का कहना है कि इसे मौत से डर नहीं लगता था, ठेकेदारी और दबंगई के कारण जहां जाता, वहां अपने दुश्मनों की संख्या बढ़ा लेता था। मुंबई में रहने के दौरान भी इसका दबदबा यूपी और बिहार में कायम था। इसने मुंबई में एक लंबा अरसा गुजारा है।
मुन्ना बजरंगी पर 7 लाख का इनाम था, इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह कितना खतरनाक रहा होगा। बताया जाता है कि मुन्ना एक महिला को गाजीपुर से भाजपा का टिकट दिलवाने की कोशिश कर रहा था। जिसके चलते उसका मुख्तार अंसारी के साथ संबंध भी खराब हो गया था।
29 अक्टूबर 2009 को दिल्ली पुलिस ने मुन्ना को मुंबई के मलाड इलाके में नाटकीय ढंग से गिरफ्तार कर लिया था। सोमवार सुबह बागपत की जेल में डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या कर दी गई।