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निकिता हत्याकांड : कोर्ट ने दोषी करार दिया, समझ नहीं सके थे तौसीफ और रेहान, जज का फैसला सुनते ही बेहोश हुआ ये शख्स
Fri, 26 Mar 2021 08:29 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 26 Mar 2021 08:29 AM IST
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nikita tomar murder case
- फोटो : अमर उजाला
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निकिता तोमर हत्याकांड में तौसीफ और रेहान बुधवार को सुनवाई के दौरान समझ ही नहीं सके कि गिल्टी होल्ड करने (दोषी करार देना) का क्या अर्थ है। उन्हें लगा कि दोषी करार देने के कुछ ही मिनटों में जज सजा सुना देंगे। इस दौरान तौसीफ और रेहान को कट्टा उपलब्ध कराने वाला अजरुद्दीन बेहोश हो गया।
निकिता हत्याकांड (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे में सभी का ध्यान उस पर रहा और चंद सेकेंड में न्यायधीश सरताज बासवाना ने सजा पर फैसले की सुनवाई के लिए तारीख 26 मार्च दे दी। अपने वकील अनीस खान के जरिए तौसीफ और रेहान समझ सके कि अभी तक उनके मामले में कोई सजा नहीं सुनाई गई है।
मृतक निकिता का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
निकिता की हत्या में तीन लोग आरोपी थे, लेकिन कोर्ट ने अजरुद्दीन को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। उसे कोर्ट की हर तारीख में अपनी रिहाई का इंतजार रहता था। वह मेवात के गांव सिंगलहेड़ी का रहने वाला है। उसका कहना था कि मामले से उसका कोई लेना देना नहीं।
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निकिता तोमर केस की जानकारी देते वकील
- फोटो : अमर उजाला
एक बार ही परिजनों से मिल सके दोषी
रेहान और तौसीफ को पुलिस ने वारदात के दिन ही काबू कर लिया था। इसके बाद रिमांड पर लेकर सबूत जुटाए गए और कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। जेल जाने के करीब 15 दिन बाद तौसीफ के पिता जाकिर हुसैन व मां असमीना और रेहान से उसके पिता शहाबुदीन मिलने पंहुचे। इसके बाद कोविड नियमों के तहत बाहर के लोगों पर जेल में बंदियों से मिलने पर रोक लगा दी गई।
रेहान और तौसीफ को पुलिस ने वारदात के दिन ही काबू कर लिया था। इसके बाद रिमांड पर लेकर सबूत जुटाए गए और कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। जेल जाने के करीब 15 दिन बाद तौसीफ के पिता जाकिर हुसैन व मां असमीना और रेहान से उसके पिता शहाबुदीन मिलने पंहुचे। इसके बाद कोविड नियमों के तहत बाहर के लोगों पर जेल में बंदियों से मिलने पर रोक लगा दी गई।
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निकिता तोमर (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
57 गवाहों के दर्ज हुए बयान
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद लोग आक्रोश में थे। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में चली। निकिता को 26 अक्तूबर को गोली मार दी गई थी। वारदात को 26 मार्च को पूरे पांच माह पूरे हो जाएंगे। न्यायाधीश सरताज बसवाना मामले में 26 मार्च को ही फैसला सुनाएंगे। लागातार सुनवाई में 57 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसमें घटना के चश्मदीद निकिता के चचेरे भाई तरुण तोमर और सहेली निकिता शर्मा भी शामिल थी।
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद लोग आक्रोश में थे। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में चली। निकिता को 26 अक्तूबर को गोली मार दी गई थी। वारदात को 26 मार्च को पूरे पांच माह पूरे हो जाएंगे। न्यायाधीश सरताज बसवाना मामले में 26 मार्च को ही फैसला सुनाएंगे। लागातार सुनवाई में 57 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसमें घटना के चश्मदीद निकिता के चचेरे भाई तरुण तोमर और सहेली निकिता शर्मा भी शामिल थी।