बीकॉम अंतिम वर्ष की छात्रा निकिता तोमर हत्याकांड में पुलिस ने मंगलवार को 18 पेज का पूरक आरोपपत्र अदालत में पेश की। इस चार्जशीट में पुलिस ने 10 नए गवाह भी जोड़े हैं। एसआईटी ने सीआरपीसी की धारा 173/3 के तहत इसे पेश किया है। पुलिस ने इस मामले में अभी 64 लोगों को गवाह बनाया था। जिसमें से अभी तक 12 गवाहों के बयान दर्ज कराने से अभियोजन पक्ष ने मना कर दिया है।
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निकिता हत्याकांड की चार्जशीट फाइल करने फरीदाबाद कोर्ट पहुंची एसआईटी
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पुलिस ने मंगलवार को शामिल जांच में दावा किया है कि निकिता के दोस्त ने तौसीफ से हत्या से पहले व्हाट्सएप पर बात की थी जिसमें उसने तौसीफ को निकिता का पीछा करने से मना किया था। मंगलवार को बीके अस्पताल के डॉ. प्रशांत कुमार की गवाही हुई। उन्होंने आरोपी तौसीफ का डीएनए टेस्ट के लिए रक्त के नमूने लिए थे। उसकी जांच रिपोर्ट मधुवन लैब से आ चुकी है।
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nikita murder case
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जांच में यह साबित हो गया कि रक्त तौसीफ का ही है। अभियोजन पक्ष के वकील एवं निकिता तोमर के मामा एदल सिंह रावत ने बताया कि मंगलवार को एसआईटी ने 18 पेज की सेप्लीमेंट्री चार्जशीट अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सरताज बासवाना की अदालत में पेश किया है।
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nikita murder case
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पूरक आरोपपत्र में जिन लोगों का गवाह बनाया गया है उनमें अग्रवाल कॉलेज के उप अधीक्षक जो घटना वाले दिन एग्जाम के डिप्टी सुरिटेंडेंट थे, सहायक डीपी, पुलिस कंट्रोल रूम को घटना की सूचना देने वाले, कंट्रोल रूम के प्रमुख, निकिता तोमर की एमएलआर काटने वाले भी शामिल हैं।
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निकिता हत्याकांड
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एदल सिंह ने बताया कि मंगलवार को हुई सुनवाई में बीके अस्पताल के डॉ. प्रशांत कुमार पेश हुए। उन्होंने अदालत को बताया कि मुख्य आरोपी तौसीफ का डीएनए टेस्ट कराने के लिए उन्होंने रक्त के नमूने लेकर पुलिस को सौंपा था। अभी तक इस मामले में 44 लोगों की गवाही हो चुकी है।