पठानकोट और कठुआ के बीच 25 जनवरी को हेलीकॉप्टर हादसे में शहीद हुए फरीदाबाद के लेफ्टिनेंट कर्नल ऋषभ शर्मा (36) बुधवार दोपहर पंचतत्व में विलीन हो गए। पटेल चौक स्थित शवगृह में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके पिता डॉ. राजेंद्र शर्मा ने उन्हें मुखाग्नि दी। देखें तस्वीरें...
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लेफ्टिनेंट ऋषभ शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
पत्नी राधा और बहन शिवा ने सेल्यूट कर शहीद को अंतिम विदाई दी। इस दौरान भारत माता की जय और ऋषभ शर्मा अमर रहे के नारे लगाए। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए जन सैलाब उमड़ पड़ा।
सेक्टर-21सी स्थित नालंदा अपार्टमेंट निवासी शहीद ऋषभ शर्मा का ध्रुव हेलीकॉप्टर 25 जनवरी को उस समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जव वे पठानकोट और कठुआ के बीच सर्च ऑपरेशन पर थे।
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लेफ्टिनेंट ऋषभ शर्मा की अंतिम विदाई
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हादसे में वह और उनके सह-पायलट घायल हो गए थे। अस्पताल के रास्ते में ही ऋषभ ने आखिरी सांस ली। ऋषभ के परिवार में पत्नी राधा, पांच वर्षीय बेटा पार्थ और मां शैला शर्मा पिता डॉ. राजेंद्र शर्मा हैं। चारों ही दुर्घटना के समय के पठानकोट स्थित उनके बेसकैंप में मौजूद थे। मंगलवार रात सात बजे उनका पार्थिव शरीर सेक्टर 21-सी स्थित नालंदा अपार्टमेंट लाया गया। बु
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लेफ्टिनेंट ऋषभ शर्मा की अंतिम विदाई में पत्नी ने दी सलामी
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धवार सुबह शहीद के अंतिम दर्शन के लिए भारी संख्या में लोग उनके निवास स्थान पहुंचे। तिरंगे में लिपटे लेफ्टिनेंट कर्नल को देख हर कोई गमगीन था। बुधवार सुबह उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। पिता सहित आर्मी के जवानों ने उन्हें कंधा दिया। राजकीय सम्मान के साथ उन्हें विदाई दी गई। इसके बाद पटेल चौक स्थित शवगृह में आर्मी के जवानों ने शस्त्र सलामी दी। पिता ने मुखाग्नि दी।
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लेफ्टिनेंट ऋषभ शर्मा की अंतिम विदाई
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मार्च में ऋषभ की 10वीं सालगिरह थी
बुधवार सुबह नालंदा अपार्टमेंट से एक तरफ शहीद की अंतिम यात्रा शुरू हुई और दूसरी तरफ पत्नी राधा शर्मा और मां शैला बेसुध हो गई। इस दौरान पत्नी राधा ने जमीन चूम कर मिट्टी उठाई और अपने माथे से लगाकर शहीद पति को स्पर्श करने की अहसास किया। इसके तुरंत बाद उन्होंने पूरे जोश के साथ ऋषभ शर्मा अमर रहे। भारत माता की जय हो के उद्घोष से गूंज उठा। एक माह बाद मार्च में ऋषभ की 10वीं सालगिरह थी।