दीपोत्सव का पहला दिन यानी धनतेरस शुक्रवार को है। अगले पांच दिन तक त्योहारों को लेकर राजधानी के बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को मनाई जाने वाली धनतेरस को काफी शुभ माना जाता है। ज्योतिषाचार्य आचार्य अम्बरीष कुमार शास्त्री के अनुसार, शुक्रवार को त्रयोदशी शाम 6:38 बजे लग रही है। जानिए क्या खरीदारी और शुभ कार्य करने का उत्तम मुहूर्त और धनवंतरी पूजन की क्या है विधि और मुहूर्त.....
उदया तिथि 26 अक्तूबर को होने के चलते 25 अक्तूबर को ही धनतेरस मनाई जा रही है। 25 अक्तूबर की सुबह 9:23 बजे के बाद पूरे दिन वैधृति योग रहेगा। इसलिए कोई भी शुभ कार्य या खरीददारी इस योग में की जा सकती है। भगवान धन्वंतरि के पूजन का समय शाम 7 बजकर 08 मिनट से रात्रि 8 बजकर 13 मिनट तक रहेगा।
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ज्वैलरी शॉप में ग्राहक
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उन्होंने बताया कि मां लक्ष्मी जी को धनिया अति प्रिय है। धनतेरस के दिन धनिया के बीज जरूर खरीदने चाहिए। मान्यता है कि जिस घर में धनिया के बीज रहते हैं वहां कभी धन की कमी नहीं रहती।
दीपावली के बाद धनिया के इन बीजों को घर के आंगन में लगाना चाहिए। धनतेरस के दिन प्रदोष काल में महालक्ष्मी जी की पूजा करनी चाहिए। इस दिन मां लक्ष्मी जी के साथ महालक्ष्मी यंत्र की पूजा भी की जाती है।
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फाइल फोटो
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उधर, आयुर्वेद इंटीग्रेटिड मेडिकल एसोएिशन आयुष की ओर से पश्चिम विहार में शुक्रवार को विशेष कार्यक्रम किया जाएगा। इसमें दिल्ली के तमाम आयुर्वेद चिकित्सक मौजूद रहेंगे।