फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

दिल्ली हिंसा: जीवन का सबसे खौफनाक मंजर, महिलाएं बोलीं-गोलियों की आवाजों के साथ शुरू हो रहा था दिन

Thu, 27 Feb 2020 09:39 AM IST
शाहरुख खान किशन कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली
किशन कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 27 Feb 2020 09:39 AM IST
विज्ञापन
delhi violence victim Women says day starting with gunshots
delhi violence - फोटो : अमर उजाला
दिन की शुरुआत गोलियों की तड़तड़ाहट और पथराव की आवाजों के साथ हो रही थी। दिन चढ़ने के साथ-साथ चिंता बढ़ती जाती थी। आंखों के सामने अब तक के जीवन का सबसे खौफनाक मंजर था। दुकानें लूटी जा रही थीं, जिन्हें बाद में आग के हवाले कर दिया जा रहा था। आसमान में उठते धुएं के गुबार अमन व चैन को लीलने वाली नफरत की आग के गवाह थे। 


delhi violence victim Women says day starting with gunshots
हिंसा के बाद का नजारा - फोटो : अमर उजाला
यह आपबीती बताते हुए उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हिंसाग्रस्त करावलनगर इलाके की महिलाओं की आवाजें भारी हो रही थीं। हालांकि, अब इलाके में अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियां तैनात हैं, लेकिन लोगों के चेहरों पर मौजूद खौफ नहीं गया है। पिछले तीन दिन में दिखा खौफनाक मंजर बार-बार उनकी आंखों के सामने आ जाता है।
delhi violence victim Women says day starting with gunshots
delhi violence - फोटो : अमर उजाला
करावल नगर के मूंगा नगर में रहने वाली विद्या ने बताया कि तीन दिनों से इलाके के लोग खौफ में हैं। सुबह से ही गोलियों की आवाजें आनी शुरू हो जाती थीं। गोलियों की आवाजें इतनी थीं, जैसे दीवाली पर कोई पटाखे वाली बंदूक चला रहा हो। घरों से बाहर झांकने पर रोड पर सिर्फ भागती हुई भीड़ और फेंके जाने वाले पत्थर दिखाई देते थे। आलम यह था कि छत पर भी जाना मुश्किल था। हर समय बस यही डर लगा रहता था कि कही दंगाई हमारे घर को भी निशाना न बना लें। सब कुछ आंखों के सामने हो रहा था और हम लोग अपने घरों में बेबस होकर माहौल के शांत होने की प्रार्थना कर रहे थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन
delhi violence victim Women says day starting with gunshots
delhi violence - फोटो : अमर उजाला
स्थानीय निवासी अरुण ने बताया कि रोज दोपहर में ही उपद्रवी खूब उत्पात मचा थे। सुरक्षा की चिंता में हम लोगों की नींद भी गुम हो गई थी। अपने परिवार की सुरक्षा के लिए हम रातभर जागकर पहरा देते थे, जिससे कोई दंगाई हमारे परिवार को निशाना न बना सके। यही कारण है कि तीन दिन से इलाके के लोग ठीक तरह से सोए नहीं हैं। अरुण ने बताया कि अर्धसैनिक बल की टुकड़ी तैनात होने के बाद कुछ राहत तो मिली है, लेकिन अब भी मन में डर बना हुआ है।
विज्ञापन
delhi violence victim Women says day starting with gunshots
delhi violence - फोटो : अमर उजाला
सीमेंट के कट्टों में भरे मिले पत्थर
बुधवार को करावल नगर में हिंसा का खौफनाक मंजर थमा तो रोड पर सीमेंट के कट्टों में पत्थर भरे मिले। करावल नगर के मुख्य मार्ग पर जगह-जगह पत्थर बिखरे हुए थे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि दंगाइयों ने पहले से पथराव की तैयारी कर रखी थी और पत्थर कट्टों में भरकर रखे थे। बुधवार को पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ने के बाद उन्होंने इन्हें सड़कों पर फेंक दिया। उधर, दंगाइयों की ओर किए गए पथराव के कारण सड़क पूरी तरह पत्थरों से पटी हुई थी। मेन रोड पर जली दुकानें तबाही का मंजर दिखा रही थीं।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed