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एक और बुराड़ी कांड: क्या होती है जितिया पूजा... जो हीरालाल ने मरने से पहले की थी; यहां भी अंधविश्वास की बातें

Sun, 29 Sep 2024 10:14 AM IST
शाहरुख खान पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 29 Sep 2024 10:14 AM IST
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Delhi Vasant Kunj mass suicide What is Jitiya Puja which Hiralal did before died four daughter wearing Kalava
Delhi Vasant Kunj mass suicide - फोटो : अमर उजाला
बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 लोगों की सामूहिक खुदकुशी करने के मामले की तरह वसंतकुंज मामले में भी अंधविश्वास की बातें सामने आ रही हैं। पुलिस का कहना है कि फ्लैट नंबर सी-4, चौहान मोहल्ला, रंगपुरी निवासी हीरालाल शर्मा की बेटियों की कमर और गले में काफी मात्रा में कलावा बंधा हुआ था।


ऐसे में पुलिस अंधविश्वास के कारण खुदकुशी जैसा कदम उठाने के दृष्टिकोण से भी मामले की जांच कर रही है। दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त रोहित मीणा ने इसकी पुष्टि की है। पुलिस को शुरुआती जांच में पता लगा है कि खुदकुशी करने से एक दिन पहले घर में परिवार ने जितिया पूजा की थी। 
Delhi Vasant Kunj mass suicide What is Jitiya Puja which Hiralal did before died four daughter wearing Kalava
एक पिता ने अपनी चार दिव्यांग बेटियों के साथ इस इमारत की तीसरी मंजिल पर अपने घर में खुदकुशी कर ली - फोटो : भूपिंदर सिंह
इसके लिए हीरालाल दुकान से लड्डू भी लेकर आया था। घर में लड्डू मिले हैं। पूजा करने के बाद हीरालाल चौराहे पर कुछ रखने गया था, तभी पड़ोसियों ने उसे देखा था। इसके बाद किसी ने भी पिता व बेटियों को बाहर नहीं देखा था। पड़ोसियों ने बताया कि वे परिवार के बारे में ज्यादा नहीं जानते। सिर्फ ये पता था कि चार बेटियां हैं। मां की एक वर्ष पहले कैंसर से मौत हो गई थी। 
Delhi Vasant Kunj mass suicide What is Jitiya Puja which Hiralal did before died four daughter wearing Kalava
delhi suicide - फोटो : एजेंसी
ये होती है जितिया पूजा
बिहार में महिलाएं हर साल आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जितिया का निर्जला व्रत रखती हैं। शाम के समय विधि-विधान से इसकी पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से संतान के जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। साथ ही, लंबी उम्र की प्राप्ति होती है। हीरालाल की एक बेटी पूरी तरह देख नहीं पाती थी। दो बेटियां चल नहीं पाती थीं। एक बेटी दिव्यांग थी। वह टैक्सी से बेटियों को ओखला स्थित ईएसआई अस्पताल व अन्य जगहों पर ले जाता था। पड़ोसी बेटियों को टैक्सी से इलाज के लिए ले जाने और गोदी में उठाकर ऊपर-नीचे लाते व ले जाते हुए देखते थे।
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Delhi Vasant Kunj mass suicide What is Jitiya Puja which Hiralal did before died four daughter wearing Kalava
मृतक हीरालाल का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
छह माह पहले नौकरी चली गई थी
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पिता हीरालाल कारपेंटर का काम करता था। हीरालाल पिछले 28 वर्षों से इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर, वसंत कुंज में बढ़ई का काम करता था। उसका वेतन 25 हजार रुपये प्रति माह था। पत्नी की मौत एक साल पहले कैंसर से हुई थी। उसके बाद हीरालाल अकेला पड़ गया था। पत्नी की मौत के बाद बेटियों की जिम्मेदारी उसके ऊपर आ गई तो वह समय से नौकरी पर नहीं जा पाता था। इस कारण उसे अस्पताल प्रशासन ने नौकरी से निकाल दिया था। इससे वह घोर आर्थिक परेशानी से घिर गया था।

 
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Delhi Vasant Kunj mass suicide What is Jitiya Puja which Hiralal did before died four daughter wearing Kalava
एक पिता ने अपनी चार दिव्यांग बेटियों के साथ इस इमारत की तीसरी मंजिल पर अपने घर में खुदकुशी कर ली। - फोटो : भूपिंदर सिंह
घर में नहीं मिला खाने का सामान
नौकरी छूटने के बाद हीरालाल आर्थिक तंगी से जूझने लगा। रिश्तेदारों ने भी उससे किनारा कर लिया था। घर का खर्चा चलाने के अलावा बेटियों के इलाज के लिए पैसे की जरूरत थी। मकान का किराया भी 6500 रुपये था। पुलिस का कहना है कि घर में पूजा के लड्डू के अलावा खाने-पीने का सामान व राशन ज्यादा नहीं मिला है। सभी बर्तन भी साफ सुथरे थे। ऐसा लगता है कि खुदकुशी से पहले परिवार ने खाना भी नहीं खाना था।

 
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