पिता की हत्या कर किए 50 टुकड़े, फॉइल पेपर में लपेटकर चार बैगों में पैक कर निकला ठिकाने लगाने और...
दिल्ली के शाहदरा जिले के फर्श बाजार इलाके में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। फर्श बाजार के बड़ा बाजार इलाके में एक बेटे ने इंसानियत की सारी हदें पार करते हुए मामूली झगड़े के दौरान अपने पिता की गला घोंटकर हत्या कर दी।
वारदात के समय बेटे का दोस्त भी वहां मौजूद रहा। घटना के बाद बेटे ने शव को ठिकाने लगाने के लिए पिता के शव के छोटे-छोटे 50 से अधिक टुकड़े कर दिए। बाद में टुकड़ों को एल्युमिनियम फ्वाइल में लपटकर चार बैगों में रख दिया गया।
अगले दिन रात को शव को ठिकाने लगाते समय पुलिस ने आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। बेटे की पहचान अमन अग्रवाल (22) और उसके दोस्त आयुष (23) के रूप में हुई है।
पुलिस ने शव के टुकड़ों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सब्जी मंडी मोर्चरी भेज दिया है। शुरुआती जांच के बाद पुलिस को पता चला कि मृतक संदेश अग्रवाल (50) का पिछले कुछ सालों से अपनी पत्नी व बच्चों से प्रॉपर्टी का लेकर विवाद चल रहा था। आशंका व्यक्त की जा रही है कि इसी वजह से बेटे ने वारदात को अंजाम दिया।
संदेश अपने ही घर में एक अलग कमरे में रहता था
पुलिस के मुताबिक संदेश अग्रवाल परिवार के साथ 522, बड़ा बाजार, शाहदरा में रहता था। इसके परिवार में पत्नी कंचन अग्रवाल, बेटी साक्षी (25), बेटा अमन अग्रवाल (22) और आयुष अग्रवाल (17) है। मकान की ग्राउंड फ्लोर पर संदेश अपनी कॉस्मैटिक की शॉप चलाता था।
ग्राउंड फ्लोर पर ही मौजूद दुकान में संदेश का बेटा अमन फुकरे नाम से अपनी खाने-पीने (चाइनीज व इंडियन) की दुकान चलाता है। मकान की अपर ग्राउंड फ्लोर पर कंचन अपना ब्यूटी पार्लर चलाती है।
अमन अपनी दुकान चलाने के अलावा मेरठ से एलएलबी फाइनल ईयर का छात्र भी है। मकान की पहली मंजिल संदेश के छोटे भाई आदेश के हिस्से में है जिसे उसने किराए पर दिया हुआ है, जबकि दूसरी मंजिल पर संदेश अपने परिवार के साथ रहता था।
आरोप है कि संदेश को शराब पीने की लत थी। इसके अलावा वह अपनी पत्नी के चरित्र पर भी शक करता था। इसको लेकर उसके पत्नी व बच्चों से झगड़े होते थे। संदेश अपने ही घर में एक अलग कमरे में रहता था।
पिता का सिर धड़ से अलग किया
सोमवार को दिन में संदेश की पत्नी कंचन, बेटी साक्षी और बेटा आयुष अपने मामा-मामी के साथ घूमने मनाली चले गए। घर में अमन व संदेश ही रह गए। रात के समय अमन का आईपी एक्सटेंशन निवासी दोस्त आयुष भी उसके घर पर मौजूद था। देर रात करीब 11 बजे अमन का अपने पिता से किसी बात पर झगड़ा हो गया।
कहासुनी के दौरान अमन ने अपने पिता की पहले गला घोंटकर हत्या कर दी। वारदात के समय आयुष भी वहीं मौजूद रहा। इसके बाद आयुष वहां से चला गया। शव को ठिकाने लगाने की नीयत से अमन ने घर में रखे चापड़ (बड़े छुरे) से पिता का सिर धड़ से अलग किया।
बाद में शव के छोटे-छोटे 50 से अधिक छुकड़े कर दिए। टुकड़ों को एल्युमिनियम फ्वाइल में लपेटकर चार अलग-अलग बैग में रख दिया गया। मंगलवार को दिन में अमन ने अपनी दुकान खोली। रात करीब एक बजे उसने अपने दोस्त आयुष को कॉल कर कार लेकर घर बुलाया।
अमन अभी टुकड़े वाले बैग को लेकर नीचे उतर रहा था कि सूचना के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया। दोनों को गिरफ्तार कर लिया। घर से वारदात में इस्तेमाल चापड़ भी बरामद कर लिया गया। इसके अलावा आयुष की हुंडई वरना कार को भी बरामद कर लिया गया है।
ऐसे उठा संदेश अग्रवाल की हत्या से पर्दा...
संदेश का उसके पत्नी और बच्चों से झगड़े की कहानी सभी रिश्तेदारों को पता थी। संदेश के दो छोटे भाई राकेश और आदेश घर के पास ही रहते हैं। हमेशा संदेश अपनी दुकान खोलकर वहां बैठता था। लेकिन मंगलवार को संदेश ने जब दुकान नही खोली तो आदेश को अटपटा लगा।
उसने अमन से संदेश के बारे में पूछा तो उसने पिता की कोई भी जानकारी होने से इंकार कर दिया। इधर आदेश ने जब ऊपर घर जाकर देखने का प्रयास किया तो अमन ने आदेश को ऊपर नही जाने दिया।
आदेश ने पहली मंजिल पर अपने वाले हिस्से में सीसीटीवी कैमरे लगाए हुए थे। इन कैमरों की फुटेज आदेश अपने घर में देखता है। फुटेज की जांच की तो सोमवार रात को संदेश को ऊपर जाते हुए देखा, लेकिन अगले दिन वह नीचे नही उतरा।
भाई ने दी पुलिस को जानकारी
इस बीच रात करीब एक बजे उसने सीसीटीवी में देखा कि अमन कुछ बैग लेकर नीचे उतर रहा है। उसे कुछ शक हुआ तो उसने फौरन मामले की सूचना पुलिस को दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने अमन व उसके दोस्त को हिरासत में लेकर बैग खोला तो पुलिस के होश उड़ गए। एक बैग से संदेश का सिर व बाकी बैग से उसके शवों के टुकड़े बरामद हुए।
हत्या और सबूत मिटाने का मामला दर्ज कर आरोपी बेटे अमन अग्रवाल और उसके दोस्त आयुष को गिरफ्तार कर लिया गया है, विवाद के बाद अमन ने अपने पिता की हत्या की, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
-आलोक कुमार, संयुक्त पुलिस आयुक्त, पूर्वी रेंज