दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी के तुर्कमान गेट में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास दिल्ली नगर निगम (MCD) के अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान हुई पत्थरबाजी की घटना से जुड़े 30 लोगों की पहचान कर ली है। इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। उधर, गुरुवार को फिर से तुर्कमान गेट के पास अतिक्रमण हटाने का अभियान फिर से शुरू हो गया है।
पुलिस के मुताबिक, पत्थरबाजी की घटना के सिलसिले में 30 लोगों की पहचान की गई है। उन्होंने CCTV फुटेज और वायरल वीडियो की मदद से उनकी पहचान की है। पुलिस टीमें उन्हें हिरासत में लेने के लिए छापेमारी कर रही हैं।
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Delhi Bulldozer action
- फोटो : अमर उजाला
संबंधित घटनाक्रम में दिल्ली पुलिस समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी को जांच में शामिल होने के लिए समन भेजेगी। हिंसा से पहले मोहिबुल्लाह नदवी मौके पर मौजूद थे। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के बार-बार अनुरोध के बावजूद, वह उसी इलाके में रहे।
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दिल्ली में मस्जिद के पास बुलडोजर एक्शन के बाद बवाल के बाद मलबा और तैनात सुरक्षाबल
- फोटो : एएनआई
यह घटना दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद रामलीला मैदान के पास फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास एमसीडी की ओर से चलाए गए अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान हुई। दिल्ली पुलिस के अनुसार, सात जनवरी को तड़के अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई, इससे पहले अमन कमेटी के सदस्यों और अन्य स्थानीय हितधारकों के साथ शांति बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कई समन्वय बैठकें की गईं।
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दिल्ली में मस्जिद के पास बुलडोजर एक्शन
- फोटो : पीटीआई
इस बीच, पत्थरबाजी की घटना के आरोपियों को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, आरोपियों के वकीलों ने यह जानकारी दी। जमानत याचिकाएं दायर की गईं और गुरुवार को सुनवाई तय की गई।
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दिल्ली में मस्जिद के पास बुलडोजर एक्शन
- फोटो : पीटीआई
आरोपी काशिफ, मोहम्मद कैफ और मोहम्मद अरीब का प्रतिनिधित्व कर रहे दिल्ली के वकील एम असद बेग ने कहा कि कोर्ट ने बचाव पक्ष को एफआईआर की कॉपी देने के बाद एक दिन की न्यायिक हिरासत दी है। वकील बेग ने कहा, "जज के आदेश के बाद हमें एफआईआर की कॉपी दी गई।