फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

खुलासा: 100 करोड़ से ज्यादा की नकली दवाएं लगा चुके हैं ठिकाने... चीन, नेपाल और बांग्लादेश में भी करते थे सप्लाई

Wed, 16 Nov 2022 08:20 AM IST
शाहरुख खान शुजात आलम, अमर उजाला, नई दिल्ली
शुजात आलम, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 16 Nov 2022 08:20 AM IST
सार

कैंसर की नकली दवाएं बेचने के मामले में आरोपियों ने पिछले चार वर्षों के दौरान झूठी उम्मीदों के सपने दिखाकर 100 करोड़ से अधिक की ठगी कर ली है। पुलिस की छानबीन के दौरान पता चला है कि आरोपियों ने गुरुग्राम में करीब नौ करोड़ के दो प्लाट खरीदे हुए हैं।

विज्ञापन
Delhi Police busted fake cancer drug factory in Sonepat, arrested seven including MBBS kingpin
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने सोनीपत के गन्नौर में कैंसर की नकली दवा बनाने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने इस संबंध में एमबीबीएस डॉक्टर, इंजीनियर समेत कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। छानबीन के दौरान पता चला कि गिरोह भारत के अलावा चीन, नेपाल, बांग्लादेश समेत दूसरे देशों में कैंसर की नकली दवा सप्लाई करते थे। पिछले चार दिन से दिल्ली, गाजियाबाद, चंडीगढ़ और सोनीपत में छापे के बाद दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कई अन्यों की फिलहाल तलाश में छापे मारे जा रहे हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान डॉ. पबित्रा नारायण प्रधान (34), शुभम मन्ना (29), पंकज सिंह बोहरा (27), अंकित शर्मा उर्फ अंकू उर्फ भज्जी (26), राम कुमार उर्फ हरबीर (43), एकांश वर्मा (27) और प्रभात कुमार (45) के रूप में हुई है। अपराध शाखा के विशेष आयुक्त रविंद्र सिंह यादव ने बताया कि आरोपी भारत, अमेरिका, इंग्लैंड, बांग्लादेश और श्रीलंका की सात बड़ी कंपनियों के 20 से अधिक ब्रांड की नकली दवा तैयार कर रहे थे। 


 
Delhi Police busted fake cancer drug factory in Sonepat, arrested seven including MBBS kingpin
बरामद दवाई - फोटो : अमर उजाला
इनके पास से अब तक करीब आठ करोड़ रुपये से अधिक की दवा बरामद की है। इसके अलावा दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाली महंगी मशीनें, केमिकल के अलावा करोड़ों की प्रॉपर्टी भी इनके पास से मिली है। यादव ने कहा कि इसका मास्टर माइंड एमबीबीएस डॉक्टर पबित्रा नारायण प्रधान है। अपराध शाखा की टीम को डॉक्टर पबित्रा के दो सहयोगियों बांग्लादेश निवासी डॉक्टर रसैल और बिहार के डॉक्टर अनिल की तलाश है। पुलिस छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि दोनों आरोपी चीन फरार हो गए हैं।

 
Delhi Police busted fake cancer drug factory in Sonepat, arrested seven including MBBS kingpin
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने कैंसर की नकली दवाई बनाने के आरोप में सात पकड़े - फोटो : अमर उजाला
चीन, नेपाल और बांग्लादेश में भी करते थे सप्लाई
विशेष आयुक्त ने बताया कि पिछले दिनों सूचना मिली थी कि कैंसर की नकली दवाइयां बनाने वाला एक अंतरराष्ट्रीय गैंग सक्रिय है। गैंग भारत ही नहीं चीन, नेपाल, बांग्लादेश समेत दूसरे देशों में भी नकली दवा सप्लाई कर रहा है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
Delhi Police busted fake cancer drug factory in Sonepat, arrested seven including MBBS kingpin
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
100 करोड़ से ज्यादा की नकली दवाएं लगा चुके हैं ठिकाने
कैंसर की नकली दवाएं बेचने के मामले में आरोपियों ने पिछले चार वर्षों के दौरान झूठी उम्मीदों के सपने दिखाकर 100 करोड़ से अधिक की ठगी कर ली है। पुलिस की छानबीन के दौरान पता चला है कि आरोपियों ने गुरुग्राम में करीब नौ करोड़ के दो प्लाट खरीदे हुए हैं। इसके अलावा डॉ. पबित्रा ने दुर्गापुर, पश्चिम बंगाल में एक नर्सिंग होम के लिए करोड़ों की जमीन खरीदी है। 

 
विज्ञापन
Delhi Police busted fake cancer drug factory in Sonepat, arrested seven including MBBS kingpin
फाइल फोटो - फोटो : istock
इसके अलावा इन लोगों ने डॉ. अनिल के साथ मिलकर नेपाल में भी करोड़ों की जमीन खरीदी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह नेपाल में भी नकली दवा बनाने की फैक्टरी लगाने की तैयारी कर रहे थे। अपराध शाखा की टीम पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।

 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed