आज से देशभर में लॉकडाउन का चौथा चरण शुरू हो गया है। इसके साथ ही अपने घर जाने के लिए निकले मजदूरों का संयम अब जवाब देने लगा है। दिल्ली-एनसीआर में सोमवार का दिन इन्हीं श्रमिकों के नाम रहा। जिधर देखो, वहीं ये लोग नजर आते हैं। चाहे बात गाजियाबाद के रामलीला मैदान की हो या दिल्ली-यूपी सीमा की हो। हर जगह इन्हीं मजदूरों का सैलाब देखा जा सकता है।
अपने घर जाने की तड़प इन लोगों की आंखों में देखी जा सकती है। कहीं इन्हें पैदल चलने नहीं दिया जा रहा तो कहीं इन्हें ट्रेन और बस के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है। आगे पढ़ें पूरा मामला और देखें तस्वीरें.....
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गाजीपुर बॉर्डर पर खड़े मजदूर
- फोटो : जी पाल
गाजीपुर बॉर्डर पर मजदूरों की इस भीड़ को देखकर समझा जा सकता है कि लोग यहां कितनी भारी तादाद में जुटे हुए हैं। ये लोग गाजीपुर बॉर्डर पर तो आ गए लेकिन यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के चलते इन मजदूरों को पैदल आगे नहीं जाने दिया जा रहा। यह इंतजार कितना लंबा होगा इसका जवाब केवल प्रशासन ही दे सकता है।
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गाजीपुर बॉर्डर पर खड़े मजदूर
- फोटो : जी पाल
यूपी सरकार का आदेश है कि किसी भी मजदूर को पैदल, ट्रक आदि से न चलने दिया जाए। इसके चलते जो मजदूर पैदल यहां पहुंचे हैं, उन्हें दर-दर भटकना पड़ रहा है। इनमें से कुछ का कहना है कि उन्हें पता चला था कि आनंद विहार से बस चलने वाली हैं, जिसके चलते वो यहां आए थे। अब न बस चल रही है न ही पैदल जाने दिया जा रहा है।
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गाजीपुर बॉर्डर पर खड़े मजदूर
- फोटो : जी पाल
गाजियाबाद से आज यानि की सोमवार को मजदूरों को लेकर छह ट्रेनें रवाना होने को थीं। इनमें यूपी के तीन रूट पर जाने वाली ट्रेनों के लिए श्रमिक कविनगर रामलीला मैदान में जुटे, जबकि बिहार जाने वाली तीन ट्रेनों के लिए श्रमिक घंटाघर रामलीला मैदान में एकत्र हुए। इन दोनों ही जगहों पर श्रमिकों की संख्या हजारों में है।
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गाजीपुर बॉर्डर पर खड़े मजदूर
- फोटो : जी पाल
बिहार रूट की तीन ट्रेनों के लिए जिला प्रशासन रामलीला मैदान घंटाघर में अब-तक करीब 4000 लोगों को पंजीकरण कर उन्हें पास जारी कर चुका है। अभी भी करीब 3000 लोग रामलीला मैदान में ऐसे हैं जिनका पंजीकरण नहीं हो पाया है और वह घर जाने का प्रयास कर रहे हैं।