दिल्ली के रंजीत नगर में डॉ. गरिमा की हत्या का खुलासा करते हुए शुक्रवार को पुलिस ने उसके साथी डॉ. चंद्र प्रकाश को रुड़की से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी गंगनहर के पुल पर आत्महत्या करने की कोशिश में था, तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया। अब उसने इस हत्या के बारे में ऐसे-ऐसे खुलासे किए हैं जो बेहद चौंकाते हैं...
दिल्लीः डॉक्टर गरिमा की हत्या की सच्चाई सामने आई, आरोपी ने ऐसे अंजाम दी वारदात
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पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह गरिमा से एकतरफा प्यार करता था। उसकी शादी होने वाली थी और उसे लग रहा था कि वह दूरी बना लेगी। इस पर गरिमा से उसकी बहस हो गई। इस पर पहले उसका गला घोंटा और बेहोश होने पर चाकू से गला रेत दिया। अपराध शाखा के उपायुक्त डॉ. जी. रामगोपाल नायक ने बताया कि बृहस्पतिवार को आरोपी के ऋषिकेश, हरिद्वार और रुड़की में होने की सूचना मिली। एसीपी जसबीर सिंह की टीम को वहां भेजा गया। वह गंगनहर की गहराई के बारे में लोगों से पूछ रहा था, तभी उसे दबोच लिया।
तीन बार किया आत्महत्या का प्रयास
डॉ. गरिमा से झगड़ा करने के बाद आरोपी डॉ. चंद्र प्रकाश ने उसकी हत्या तो कर दी, लेकिन हत्या करने के बाद वह बुरी तरह डर गया। उसे लगा कि अब उसकी जीवन समाप्त हो गया है। हत्या करने के बाद पहले उसने अपनी मां और बहन को फोन कर बताया कि उससे बड़ी गलती हो गई है। यही सोचकर आरोपी दिल्ली से भागकर ऋषिकेश पहुंचा। वहां उसने होटल के कमरे में बेल्ट से फंदा लगाकर खुदकुशी का प्रयास किया, लेकिन वह उसमें कामयाब नहीं हो पाया। बाद में उसने होटल के बाहर लगे ट्रांसफार्मर से चिपककर खुदकुशी करनी चाही। इस बार वह हिम्मत नहीं जुटा पाया। चंद्र प्रकाश को लगा कि अगर वह सुसाइड करने के बाद बच गया, तो उसके परिवार का जीवन बर्बाद हो जाएगा। बाद में शुक्रवार को उसने नहर में कूदने की कोशिश की, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि गरिमा की हत्या करने के बाद वह बुरी तरह डर गया था। उसने कमरे से अपना बैग व कुछ कपड़े उठाए और रंजीत नगर से निकल गया। आरोपी ने रास्ते में पटेल नगर मेट्रो स्टेशन के पास एटीएम से 9500 रुपये निकाले। वहां से उसने आनंद विहार जाने के लिए ऑटो लिया। इस बीच उसका मोबाइल ऑन रहा। मयूर विहार के पास एनएच-24 पर जब उसका ऑटो पहुंचा, तो उसने मोबाइल बंद कर लिया। आनंद विहार से बस में सवार होकर वह पहले हरिद्वार पहुंचा।
अगले दिन उसने सुबह नौ बजे अपनी मां को फोन कर कहा कि उसने गरिमा की हत्या कर दी है और अब वह आत्महत्या करने जा रहा है। इसके बाद उसने दोबारा अपना फोन बंद कर लिया। इधर पुलिस टीम को उसके ऋषिकेश में होने का पता चल गया। फौरन क्राइम ब्रांच के अलावा कुल 17 टीमें हरिद्वार व ऋषिकेश पहुंच गईं। बुधवार को पूरे दिन इधर-उधर घूमने के बाद आरोपी ने रात को ऋषिकेश में एक होटल का कमरा लिया। वहीं पर उसने आत्महत्या का प्रयास किया।