पूर्वी दिल्ली के वेलकम इलाके में इमारत गिरने से अब्दुल मतलूब समेत छह लोगों की मौत के बाद पांच माह पहले हुए हादसे की बात बार-बार याद आ रही है। लोगों ने बताया कि फरवरी में बेटी की शादी के दौरान भीषण अग्निकांड में यह परिवार बच गया था लेकिन आज दो साल की मासूम समेत छह लोगों की जान चली गई।
पड़ोसी आपस में बात करते सुनाई दिए कि ऐसा लगता है कि मौत इस परिवार का पीछा कर रही थी। पांच माह पहले आग से मतलूब की बेटी की शादी के लिए आया दहेज का पूरा सामान जल गया था। अगले दिन आनन-फानन दहेज का इंतजाम किया गया। उस समय परिवार ने जान बचने पर खुदा का जमकर शुक्रिया अदा किया था।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : एएनआई
अब्दुल मतलूब की पत्नी राबिया परवीन की फुफेरी बहन खुर्शीद जहां उर्फ छीम बाजी ने बताया कि उनकी बहन ने वेलकम के अलावा गौतमपुरी में 100 गज का मकान खरीदा हुआ था। वेलकम का मकान छोटा होने की वजह से कुछ साल पूर्व पूरा का पूरा परिवार गौतमपुरी के मकान में शिफ्ट हो गया था।
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दिल्ली में मकान गिरा
- फोटो : एएनआई
छोटी बेटी आफिया की शादी तय हुई तो उन्होंने सारे कार्यक्रम गौतमपुरी के मकान में रखे। जिस दिन आग लगी तो उस दिन पूरा का पूरा परिवार ग्राउंड फ्लोर के हॉल में था। आफिया पार्लर गई थी।
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दिल्ली में मकान गिरा
- फोटो : एएनआई
बाकी परिवार हॉल में दहेज दिखाने के लिए सजा रहा था। पहली मंजिल पर खाना गर्म किया जा रहा था। उसी दौरान पहले आग लगी। शायद मौत मतलूब के परिवार को अपने आगोश में लेने को बेताब थी। यह कहकर छीम बाजी रोने लगीं।
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दिल्ली में हादसे के बाद मौके पर जमा लोग
- फोटो : पीटीआई
देर रात जयपुर से दिल्ली लौटा था आधा परिवार, लोग बोले काश वहीं रुक जाते...
मतलूब की छोटी बेटी आफिया के पति इकराम ने जयपुर में सैलून खोला था। उद्घाटन पर उसके बुलावे पर राबिया, बेटी जूबिया, दो बेटे अब्दुल्लाह और नावेद जयपुर गए थे। शुक्रवार देर रात ही सभी दिल्ली पहुंचे थे। रात को पहुंचकर सभी ने खाना खाया। देर रात करीब दो बजे तक सभी बात करते रहे।