फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi High Court grants 6-hour custody parole to Neeraj Bawana

गैंगस्टर नीरज बवानिया जेल से आएगा बाहर: दिल्ली हाईकोर्ट ने दी सिर्फ छह घंटे की कस्टडी पैरोल, जानें क्या है वजह

Wed, 16 Sep 2026 03:28 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Wed, 16 Sep 2026 03:28 PM IST
सार

दिल्ली हाईकोर्ट ने आज गैंगस्टर नीरज बावनिया बड़ी राहत दी। लेकिन ये राहत सिर्फ छह घंटे की है। नीरज को कोर्ट ने छह घंटे की कस्टडी पैरोल दी है। हाईकोर्ट ने उसकी अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। 

विज्ञापन
Delhi High Court grants 6-hour custody parole to Neeraj Bawana
गैंगस्टर नीरज बवानिया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली हाईकोर्ट ने नीरज बवानिया को छह घंटे की कस्टडी पैरोल दी है। यह पैरोल पत्नी और नवजात बच्चे से मिलने के लिए मिली है। नीरज की पत्नी और बच्चे इस समय अस्पताल में भर्ती हैं, जिसके चलते यह मानवीय आधार पर फैसला लिया गया है।

विज्ञापन


अदालत ने निर्देश दिया है कि नीरज बवानिया को गुरुवार को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे के बीच पुलिस हिरासत में ले जाया जाएगा। इस अवधि के दौरान वह अपने घर और अस्पताल जाकर परिवार से मुलाकात कर सकता है। 
विज्ञापन


उन्हें कड़ी सुरक्षा घेरे में रखा जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। नीरज बवानिया वर्तमान में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है। उन्होंने पहले अंतरिम जमानत के लिए भी हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन




हालांकि, हाईकोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत की अर्जी को पहले ही खारिज कर दिया था। अदालत ने सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया था। यह फैसला एक कैदी के मानवीय अधिकारों और सार्वजनिक सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास है।


कस्टडी पैरोल की शर्तें
कस्टडी पैरोल एक विशेष प्रकार की अस्थायी रिहाई होती है जो कुछ खास परिस्थितियों में दी जाती है। इसमें कैदी को हमेशा पुलिस की कड़ी निगरानी में रखा जाता है और वह अपनी मर्जी से कहीं नहीं जा सकता। नीरज बवानिया को केवल छह घंटे के लिए ही बाहर जाने की अनुमति मिली है। यह निर्धारित अवधि सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक की है, जिसमें उनके घर और अस्पताल तक की यात्रा का समय भी शामिल है। इस दौरान पुलिस दल उनके साथ रहेगा और उनकी हर गतिविधि पर नजर रखेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed