दिल्ली के धौला कुआं में 14 सितंबर को बीएमडब्ल्यू कार दुर्घटना में जान गंवाने वाले नवजोत सिंह का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया और विधि विधान के साथ उनको आखिरी विदाई दी गई। इससे पहले खबर थी कि उनकी बहन अमेरिका में हैं इस वजह से अंतिम संस्कार में देरी हुई। मंगलवार को वो दिल्ली लौटीं और नवजोत सिंह को अंतिम विदाई दी गई।
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वित्त मंत्रालय में तैनात उप सचिव नवजोत सिंह का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
बहन ने जताई थी आखिरी बार देखने की इच्छा
बहन ने अपने पिता से फोन कर भाई को आखिरी बार देखने की इच्छा जताई थी। नवजोत सिंह की मौत की खबर जब बड़ी बहन पुनीत तक पहुंची तो उनकी दुनिया ही उजड़ गई। उन्होंने पिता बलवंत सिंह से वीडियो कॉल पर रोते हुए यही गुजारिश की कि भाई का अंतिम संस्कार उनके आने के बाद ही किया जाए।
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मृतक नवजोत सिंह और उनकी पत्नी संदीप कौर का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
टूट चुके हैं नवजोत के पिता
परिवार के सदस्यों ने बताया कि घटना के बाद से नवजोत के 80 साल के पिता बलवंत सिंह पूरी तरह से टूट चुके हैं। पिता बलवंत सिंह एयरफोर्स से रिटायर अधिकारी हैं। उन्होंने बताया कि नवजोत का कुछ ही दिनों में प्रमोशन होने वाला था और परिवार ने प्रमोशन के बाद एक साथ घूमने की योजना बनाई थी। लेकिन इस हादसे ने सब कुछ खत्म कर दिया।
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नवजोत और उनके बेटे नवनूर
- फोटो : पीटीआई
आज है बेटे का जन्मदिन
कांपती आवाज में बलवंत सिंह बोले कि नवजोत हमारे घर का गर्व था। वह आईआईएम लखनऊ से कुछ दिन पहले ही ट्रेनिंग लेकर आया था। वह अपनी मेहनत के बल पर ऊंचे मुकाम तक पहुंचा था। हम सब उसके उज्ज्वल भविष्य के सपने देख रहे थे। घटना के बाद से उनके बेटे नवनूर का भी रो रोकर बुरा हाल है। आज (16 सितंबर) उसका जन्मदिन है। हर साल उसके माता-पिता उसकी जन्मदिन बहुत धूमधाम से मनाते थे।
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धौलाकुआं इलाके में BMW कार ने बाइक सवार वित्त मंत्रालय में तैनात उप सचिव और उनकी पत्नी को कुचला
- फोटो : वीडियो ग्रैब
किसी ने मदद नहीं की, सब बनाते रहे वीडियो
धौलाकुआं के पिलर नंबर 67 के पास हुए हादसे के बाद वहां से काफी गाड़ियां गुजरी, लेकिन घायलों की मदद के लिए कोई आगे नहीं आया। रविवार को हुए हादसे के कई वीडियो सोशल मीडिया पर चल रहे हैं। घटनास्थल पर रहने वाले लोगों ने भी कहा कि लोग मदद के बजाय वीडियो बनाने में व्यस्त दिखे। घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर जलबोर्ड का काम चल रहा है। यहां काम करने वाले आकाश ने बताया कि रविवार दोपहर जब घटना घटी वह वहां खाना खा रहे थे। तभी शोर सुनकर वह घटनास्थल पर पहुंचे तो वहां भीड़ जमा थी।