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Delhi Election 2020: नेताओं के इन 10 बयानों से मचा दिल्ली में सियासी संग्राम, कुछ ने की हदें पार

Sat, 01 Feb 2020 11:34 AM IST
अमित मंडल चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमित मंडल Updated Sat, 01 Feb 2020 11:34 AM IST
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Delhi Assembly Election 2020: election campaign and fiery speeches of leaders
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली विधानसभा चुनाव में प्रचार अभियान की शुरुआत भले ही फीकी रही हो, लेकिन जब इसने रंग जमाया तो सियासी पारा चरम पर पहुंच गया। प्रचार के दौरान नेताओं के के बयानों ने खूब गर्मी पैदा की। तमाम नेताओं के बयानों ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा। किसी बयान से सियासत तेज हुई तो कुछ बयान इतने विवादित रहे कि चुनाव आयोग को एक्शन में आना पड़ा। आपको बता रहे हैं नेताओं के ऐसे ही कुछ बयानों के बारे में जिससे सियासी पारा आसमान पर पहुंच गया।  


 

Delhi Assembly Election 2020: election campaign and fiery speeches of leaders
कपिल मिश्रा - फोटो : अमर उजाला

कपिल मिश्रा, मॉडल टाउन से भाजपा उम्मीदवार  

इस चुनाव में कपिल मिश्रा पहले नेता रहे जिन पर उनके बयान के लिए पाबंदी लगाई गई। कपिल ने चुनाव में भारत-पाकिस्तान का जिक्र कर हंगामा खड़ा कर दिया। कपिल ने ट्वीट कर कहा कि 8 फरवरी को दिल्ली में भारत-पाकिस्तान का मुकाबला होगा। इसी बयान को लेकर चुनाव आयोग ने उनपर 48 घंटे की पाबंदी लगाई। 
 

Delhi Assembly Election 2020: election campaign and fiery speeches of leaders
अनुराग ठाकुर - फोटो : अमर उजाला

अनुराग ठाकुर, केंद्रीय मंत्री व भाजपा नेता  

27 जनवरी को रिठाला में चुनाव प्रचार के दौरान अनुराग ठाकुर ऐसी बात कह गए जिससे उनकी मुसीबत बढ़ गई। उन्होंने भीड़ से नारा लगवाया- देश के गद्दारों को, गोली मारो...को'। इस बयान पर उन्हें चुनाव आयोग का नोटिस मिला। फिर तीन दिन के लिए उनपर पाबंदी भी लगा दी गई। स्टार कैंपेनर की सूची से भी उन्हें बाहर करने का आदेश चुनाव आयोग ने जारी किया। 
 
 
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Delhi Assembly Election 2020: election campaign and fiery speeches of leaders
प्रवेश वर्मा - फोटो : अमर उजाला

प्रवेश वर्मा, भाजपा सांसद 

विवादित बयानों का सिलसिला प्रवेश वर्मा ने बढ़ाया। 28 जनवरी को उन्होंने शाहीन बाग की तुलना पाकिस्तान से कर दी। उन्होंने कहा- शाहीन बाग में लाखों लोग इकट्ठा हो जाते हैं। दिल्ली के लोगों को इसके बारे में सोच समझकर फैसला लेना होगा। वो लोग आपके घरों में घुसकर आपकी बहन बेटियों के साथ दुष्कर्म करेंगे, उन्हें मार डालेंगे। अभी समय है, मोदी जी और अमित शाह कल आपको बचाने नहीं आएंगे। आज अगर दिल्ली के लोग जाग जाएंगे तो अच्छा रहेगा। लोग आज सुरक्षित महसूस कर रहे हैं और तब तक करेंगे जब तक मोदी जी प्रधानमंत्री हैं। अगर कोई और प्रधानमंत्री बन जाएगा तो कोई आपको बचाने नहीं आएगा।

इस बयान के लिए चुनाव आयोग ने 30 जनवरी को चार दिन के लिए उनपर पाबंदी भी लगा दी। स्टार कैंपेनर की सूची से भी उन्हें बाहर करने का आदेश चुनाव आयोग ने जारी किया। 
 
29 जनवरी को प्रवेश वर्मा ने दिल्ली के मादीपुर में भाजपा प्रत्याशी के लिए प्रचार करते हुए कहा था- केजरीवाल अगर जीतकर आए तो मादीपुर की सड़कें शाहीन बाग बन जाएंगी। दिल्ली में केजरीवाल जैसे नटवरलाल और आतंकवादी छिपे हुए हैं, उन्हें बाहर निकालना है। कश्मीर में आतंकवादियों से लड़ें या दिल्ली में केजरीवाल जैसे आतंकवादी से। सीएम केजरीवाल आतंकवादी हैं और अगर अपनी बहन-बेटियों को बचाना है तो उन्होंने भगाना होगा। 


 
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Delhi Assembly Election 2020: election campaign and fiery speeches of leaders
मनीष सिसोदिया - फोटो : अमर उजाला

मनीष सिसोदिया, उप-मुख्यमंत्री, दिल्ली 

चुनाव प्रचार के दौरान मनीष सिसोदिया ने कहा- मैं शाहीन बाग में धरना प्रदर्शन करने वालों के साथ हूं। यहीं से भाजपा ने उन्हें घेरना शुरू कर दिया। पहले कपिल मिश्रा ने और फिर प्रवेश वर्मा ने शाहीन बाग पर तीखे बयान दिए। 

 

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