दिल्ली हाईकोर्ट ने शिष्या से दुष्कर्म के आरोपी दाती महाराज को अब तक गिरफ्तार नहीं किए जाने पर पुलिस को फटकार लगाई है। अदालत ने दिल्ली पुलिस की अब तक की जांच पर असहमति जताते हुए मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी। इस मामले में पीड़िता ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए सीबीआई से जांच कराने की मांग की थी। अब मामले की सुनवाई 30 अक्तूबर को होगी। हालांकि, दिल्ली पुलिस 1 अक्तूबर को ही दाती व उसके सौतेले भाइयों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
दाती महाराज की बढ़ी मुश्किलें, हाईकोर्ट ने पुलिस को लगाई फटकार, अब सीबीआई करेगी मामले की जांच
10 जून को दर्ज हुई थी एफआईआर
चीफ जस्टिस राजेंद्र मेनन और जस्टिस वीके राव की खंडपीठ के समक्ष पीड़िता के वकील प्रदीप तिवारी ने कहा कि पुलिस ने इस मामले में लापरवाही बरती है। पीड़िता के पुलिस और कोर्ट के समक्ष बयान दर्ज करवाने के बावजूद दाती और सह-आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया। पीड़िता ने 7 जून, 2018 को फतेहपुर बेरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन एफआईआर 10 जून को दर्ज की गई। इसके बाद भी पुलिस ने आरोपी को पूछताछ के लिए आठ दिन में हाजिर होने का समय दिया, लेकिन वह नहीं आया। जब वह पूछताछ के लिए पहुंचा तो पुलिस ने जांच में सहयोग करने के नाम पर उसे गिरफ्तार नहीं किया।
दाती की फौरन गिरफ्तारी होनी चाहिए थी: हाईकोर्ट
दाती महाराज पर रेप केस मामले में पीड़िता की याचिका पर सुनवाई कर रहे हाईकोर्ट ने साफ कहा कि यह गंभीर मामला है और इसमें आरोपियों की फौरन गिरफ्तारी होनी चाहिए थी। दिल्ली पुलिस ने एक अक्तूबर को दाती महाराज व उसके तीन सौतेले भाइयों के खिलाफ दायर चार्जशीट में कहा है कि आरोपियों को गिरफ्तार करने लायक साक्ष्य जांच के दौरान नहीं मिले हैं। चार्जशीट केवल पीड़िता के पुलिस व कोर्ट को दिए बयान के आधार पर दाखिल की गई है। इसमें आरोपियों, उनके सहयोगियों व अन्य लोगों के मोबाइल रिकार्ड की फॉरेंसिक रिपोर्ट दाखिल की है, जिसमें कई अहम जानकारियां सामने आने का दावा पुलिस ने किया है। खंडपीठ ने याची के वकील की दलीलों से सहमति जताते हुए सीबीआई को 30 अक्तूबर को रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।
दाती को गिरफ्तार नहीं करने पर जताया रोष
दिल्ली हाईकोर्ट ने दाती महाराज मामले की आगे की जांच सीबीआई से करने को कहा है। इस मामले में दिल्ली महिला आयोग ने पुुलिस पर सीधा हमला बोला है। आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने दाती महाराज को गिरफ्तार नहीं करने पर रोष जताया है। स्वाति ने पुलिस पर बाबाओं से डरने व उनके साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है। इस मामले में स्वाति ने ट्वीट कर कहा कि पुलिस ने क्यों दाती को गिरफ्तार नहीं किया। कोर्ट को यह केस भी सीबीआई को भेजना पड़ा। पहले भी बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित मामले में पुलिस के रवैये के कारण हाईकोर्ट को केस को सीबीआई को भेजना पड़ा था।
पीड़िता का यह है आरोप
पीड़िता का आरोप है कि वह 2005 से दाती महाराज के संपर्क में थी। वह उसके कॉलेज का खर्च भी उठाता था। दो साल पहले चरण सेवा के नाम नौ जनवरी 2016 को दाती महाराज ने फतेहपुर बेरी स्थित आश्रम में उससे दुष्कर्म किया। इस बाबत पीड़िता ने दस जून 2018 को दाती महाराज व उसके भाइयों के खिलाफ दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज करवाई थी। इसके बाद पीड़िता ने मामले की सीबीआई जांच के लिए 17 जुलाई को हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।