दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने भारी मात्रा में अवैध कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस ने आगरा के गन हाउस मालिक समेत दो अवैध हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से अलग-अलग बोर के 1560 अवैध कारतूस बरामद किए हैं। ये कारतूस दिल्ली, एनसीआर व यूपी के गैंगस्टर को सप्लाई होने थे। दिल्ली पुलिस इसे अब तक की सबसे बड़ी कारतूस की बरामदगी बता रही है। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने वर्ष 2017 में 1310 कारतूस बरामद किए थे।
दिल्ली स्पेशल सेल ने पकड़ी अवैध कारतूसों की सबसे बड़ी खेप, गन हाउस का मालिक गिरफ्तार
स्पेशल सेल डीसीपी प्रमोद कुशवाह के अनुसार, स्पेशल सेल ने अवैध हथियारों के साथ काफी बदमाशों को गिरफ्तार किया है। ज्यादातर अवैध हथियार मध्यप्रदेश के धार, बुरहानपुर और खारगोने व बिहार के मुंगेर से आ रहे हैं। पुलिस को ये पता नहीं था इन हथियारों के लिए कारतूस कहां से आ रहे हैं। जांच में पता लगा कि यूपी के कुछ गन हाउस मालिक गैंगस्टर व बदमाशों को अवैध कारतूस की सप्लाई कर रहे हैं। स्पेशल सेल ने वर्ष 2017 में अलीगढ़ के दो गन हाउस मालिक भाईयों को गिरफ्तार किया था। ये बदमाशों को कारतूस सप्लाई कर रहे थे। पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली के बदमाशों को कारतूस सप्लाई करने के लिए एक व्यक्ति दिल्ली में आने वाला है।
इंस्पेक्टर संजय गुप्ता व राजेश कुमार की देखरेख में पुलिस टीम ने 13 जून को बारापूला फ्लाईओवर के पास घेराबंदी कर मथुरा, यूपी निवासी प्रेम सिंह (37) को गिरफ्तार किया। वह बाइक से कारतूस देने आया था। इसके पास से .315 व .32 बोर के 350 कारतूस बरामद किए गए। प्रेमसिंह ने बताया कि वह पिछले तीन वर्ष से बदमाशों को अवैध कारतूस की सप्लाई कर रहा है। उसने बताया कि वह अवैध कारतूस बोडला, पश्चिमी पुरी रोड, आगरा, यूपी में शिवहारे गन हाउस चलाने वाले आलोक शिवहारे से लेकर आता है।
गन हाउस मालिक को गिरफ्तार किया
पुलिस ने प्रेमसिंह की निशानदेही पर आलोक शिवहारे(48) को आगरा, यूपी से गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से .32, .315, .22, 30-06 बोर के 1210 कारतूस बरामद किए गए। आलोक सूर्या नगर, आगरा यूपी का रहने वाला है। आगरा यूनिवर्सिटी से ग्रेजूएशन करने वाले आलोक शिवहारे ने बताया कि उसने वर्ष 2000 में गन हाउस का लाइसेंस लिया था। उसके परिवार की आगरा में पांच शराब की दुकान भी हैं। गन हाउस में कारतूस बेचने के दौरान वह बदमाशों के संपर्क में आया और उनको अवैध रूप से कारतूस सप्लाई करने लगा। वह पिछले तीन वर्षों से बदमाशों को महंगे दामों पर अवैध कारतूस की सप्लाई कर रहा है। प्रेमसिंह, आलोक शिवहारे से मिलने के बाद अवैध कारतूस की सप्लाई करने लगा। ये पिछले तीन वर्ष में करीब 1000 कारतूस बदमाशों को सप्लाई कर चुके हैं।
- बरामद कारतूस
.32 बोर के 650 कारतूस
.315 बोर के 360 कारतूस
.22 बोर के 500 कारतूस
30-06 बोर के 50 कारतूस